12 अगस्त, 2026 : हरियाणा में एक्सटेंशन लेक्चरर प्रस्तावित नए नियमों में कई बदलावों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्राफ्ट नियमों में उनकी सेवा सुरक्षा, वेतन, अनुभव और भविष्य की नौकरी से जुड़े मुद्दों को पर्याप्त रूप से स्पष्ट और सुरक्षित किया जाना चाहिए।
एक्सटेंशन लेक्चररों की मुख्य मांगें क्या हैं?
एक्सटेंशन लेक्चरर चाहते हैं कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव को नए नियमों में उचित महत्व दिया जाए। उनका कहना है कि वर्षों से कॉलेजों में पढ़ा रहे शिक्षकों की सेवा और अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सेवा सुरक्षा पर जोर
लेक्चररों की प्रमुख चिंताओं में जॉब सिक्योरिटी भी शामिल है। वे चाहते हैं कि नियमों में उनकी सेवाओं को जारी रखने की स्पष्ट व्यवस्था हो, ताकि हर शैक्षणिक सत्र में नौकरी को लेकर अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
वेतन और सेवा शर्तों में बदलाव की मांग
कर्मचारी वेतन, कार्यभार और अन्य सेवा शर्तों को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान चाहते हैं। उनका कहना है कि समान जिम्मेदारियां निभाने वाले शिक्षकों के लिए उचित और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए।
अनुभव को मिले उचित महत्व
एक्सटेंशन लेक्चररों का कहना है कि लंबे अनुभव को भर्ती, सेवा विस्तार या अन्य प्रक्रियाओं में उचित वेटेज मिलना चाहिए। इससे वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सकेगी।
ड्राफ्ट नियमों पर अब आगे की प्रक्रिया
ड्राफ्ट नियमों को लेकर सरकार और एक्सटेंशन लेक्चररों के बीच चर्चा महत्वपूर्ण होगी। कर्मचारियों की मांगों और सरकार के प्रस्तावित प्रावधानों के बीच संतुलन बनने के बाद अंतिम नियमों का स्वरूप स्पष्ट होगा।
