30 सितंबर 2026 दिल्ली में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) के बीच युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को वोटर लिस्ट से जोड़ने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को दिल्ली के कई कॉलेज कैंपस वोटर रजिस्ट्रेशन केंद्रों में बदल गए, जहां बड़ी संख्या में युवा मतदाता अपने नाम की जांच कराने, नया पंजीकरण कराने और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का समाधान जानने पहुंचे।
29 और 30 सितंबर को कॉलेजों में विशेष कैंप
दिल्ली के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 29 और 30 सितंबर को विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैंप का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जो हाल ही में 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं या अभी तक मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हुए हैं।
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, इन कैंप में युवाओं को फॉर्म भरने, जरूरी जानकारी समझने और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में सहायता दी जा रही है। बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO भी कैंपस में मौजूद रहकर छात्रों की मदद कर रहे हैं।
पहली बार वोट देने वाले युवाओं पर खास फोकस
SIR के इस चरण में 18 से 25 वर्ष की उम्र वाले युवा मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिन छात्रों की उम्र 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष हो चुकी होगी, वे वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए Form-6 जमा कर सकते हैं।
कॉलेज कैंपस में कैंप लगाने का उद्देश्य युवाओं तक सीधे पहुंचना है, ताकि उन्हें अलग से चुनाव कार्यालय जाने की जरूरत न पड़े और वे मौके पर ही पंजीकरण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर सकें।
मौजूदा मतदाता भी करा सकते हैं सुधार
इन कैंप का फायदा केवल नए मतदाता ही नहीं, बल्कि पहले से पंजीकृत मतदाता भी उठा सकते हैं। जिन लोगों के नाम या अन्य विवरण में किसी तरह की गलती है, वे अपने रिकॉर्ड की जांच कराकर आवश्यक सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
निर्वाचन अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल रहे और मतदाता रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को समय रहते ठीक किया जा सके।
SIR के दौरान नोटिस पाने वालों को भी राहत
दिल्ली में SIR के दौरान जिन मतदाताओं को उनके चुनावी विवरण में unmapped या logical discrepancies को लेकर नोटिस मिले हैं, उनके लिए भी प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारी संबंधित मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाने और उन्हें Electoral Registration Officer के सामने विचार के लिए अपलोड करने में मदद करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई अब केवल विशेष परिस्थितियों में होगी और जहां संभव हो, सुनवाई ऑनलाइन कराई जाएगी।
चार लाख से ज्यादा मामलों में सुनवाई पूरी
दिल्ली में SIR प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई भी की जा चुकी है। 29 सितंबर तक 4,01,670 hearings पूरी होने की जानकारी सामने आई थी।
निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण में मतदाताओं को अपने दावे और आपत्तियां दाखिल करने का अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए 30 अक्टूबर 2026 तक claims और objections दाखिल किए जा सकते हैं। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
अक्टूबर में फिर लगेंगे विशेष कैंप
युवा मतदाताओं को पंजीकरण का एक और अवसर देने के लिए दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 7 और 8 अक्टूबर को भी विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा 4 और 11 अक्टूबर को सभी श्रेणियों के मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने पात्र युवाओं से इन कैंप का लाभ उठाकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की अपील की है।
युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कैंप लगाने से चुनाव अधिकारियों को बड़ी संख्या में नए पात्र मतदाताओं तक पहुंचने का मौका मिल रहा है। वहीं छात्रों को भी वोटर रजिस्ट्रेशन और SIR से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी सीधे अधिकारियों से मिल रही है।
SIR के इस चरण में खास तौर पर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि जो युवा मतदान के लिए पात्र हो चुके हैं, वे मतदाता सूची से बाहर न रह जाएं। कॉलेज कैंपस में पहुंच रहे युवा मतदाता इस प्रक्रिया में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं।30 सितंबर 2026
