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स्कूल शिक्षकों को बाल सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किया जागरूक

30 सितंबर 2026 बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण को लेकर शिक्षकों को जागरूक करने के उद्देश्य से तरनतारन के चब्बाल स्थित श्री गुरु हरकृष्ण सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने शिक्षकों को किया जागरूक

जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने स्कूल का दौरा किया और शिक्षकों के साथ बाल सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता सत्र किया। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों में शिक्षक बच्चों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं। ऐसे में बच्चों के साथ होने वाली किसी भी तरह की परेशानी या असुरक्षित स्थिति को पहचानने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

गुड टच और बैड टच की दी जानकारी

जागरूकता सत्र के दौरान बच्चों की व्यक्तिगत सुरक्षा और निजता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। शिक्षकों को गुड टच और बैड टच के बारे में जानकारी दी गई, ताकि वे बच्चों को उनकी व्यक्तिगत सीमाओं और सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें।

इसके साथ ही बच्चों के साथ किसी भी तरह की असहज या संदिग्ध स्थिति सामने आने पर उचित तरीके से प्रतिक्रिया देने और जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता तंत्र का इस्तेमाल करने की जानकारी भी साझा की गई।

बाल श्रम और सड़क सुरक्षा पर भी चर्चा

सत्र में केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक ही बात सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने बाल श्रम, बच्चों की सड़क एवं मोटर वाहन सुरक्षा और बच्चों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी शिक्षकों को जागरूक किया।

शिक्षकों को बताया गया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए परिवार, स्कूल और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। बाल श्रम जैसी समस्याओं को पहचानना और जरूरत पड़ने पर उचित माध्यम से जानकारी देना भी बाल संरक्षण व्यवस्था का हिस्सा है।

बच्चों के अधिकार और सरकारी योजनाओं की जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों के अधिकारों और उनके कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने शिक्षकों को बताया कि जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध सहायता और संरक्षण तंत्र तक पहुंचाने में स्कूल स्तर पर जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस दौरान शिक्षकों के साथ व्यावहारिक जानकारी भी साझा की गई, ताकि वे बच्चों से संबंधित मामलों को अधिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभाल सकें।

जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई के सुपरवाइजर राजबीर सिंह और स्थानीय समिति के सचिव रविंदर सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने भी बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं और जरूरतमंद बच्चों के लिए उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में जानकारी साझा की।

अधिकारियों ने शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सवालों और व्यावहारिक परिस्थितियों पर भी चर्चा की।

स्कूल प्रबंधन ने जताया आभार

स्कूल की प्रिंसिपल अनुरीत बावा ने अधिकारियों और संबंधित उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं।

सत्र के बाद शिक्षकों में बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण से जुड़े मामलों को लेकर जागरूकता और तैयारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बच्चों की सुरक्षा में शिक्षकों की भूमिका अहम

स्कूल बच्चों के लिए सीखने के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जगह है। ऐसे में शिक्षकों को बाल संरक्षण से जुड़े नियमों, बच्चों के अधिकारों और संभावित जोखिमों की जानकारी होना जरूरी है।

चब्बाल के स्कूल में आयोजित यह जागरूकता सत्र भी इसी दिशा में एक प्रयास रहा, जिसमें बच्चों की सुरक्षा, निजता, अधिकारों और कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।

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