30 सितंबर 2026 बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पंजाब यात्रा के दौरान दिए गए कुछ बयानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लुधियाना में चल रही उनकी हनुमंत कथा के दौरान धर्म और धार्मिक पहचान से जुड़े बयानों पर पंजाब के कुछ अल्पसंख्यक नेताओं ने आपत्ति जताई है। नेताओं ने कथित टिप्पणियों को आपत्तिजनक और खराब स्वाद वाला बताते हुए सार्वजनिक मंच से ऐसी भाषा के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
लुधियाना में चल रही थी हनुमंत कथा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों लुधियाना में हनुमंत कथा कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम 26 से 30 सितंबर तक चंडीगढ़ रोड स्थित GLADA ग्राउंड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कथा के दौरान शास्त्री ने पंजाब में नशे की समस्या और धार्मिक परिवर्तन के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की और धार्मिक पहचान तथा अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की बात कही।
धार्मिक टिप्पणियों को लेकर बढ़ा विवाद
विवाद उस समय बढ़ा जब शास्त्री की कुछ कथित टिप्पणियां सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गईं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने धार्मिक पहचान और दूसरे धर्मों से जुड़े संदर्भों में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर कुछ मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई।
विरोध करने वाले नेताओं का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान किसी समुदाय या उसकी मान्यताओं के बारे में टिप्पणी करते समय सार्वजनिक भाषा और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
शाही इमाम ने जताई आपत्ति
लुधियाना में इस मामले को लेकर शाही इमाम की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने शास्त्री की कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक समुदायों के बारे में इस तरह की टिप्पणियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विरोध करने वालों ने यह भी कहा कि पंजाब का सामाजिक इतिहास विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के मेल का रहा है। इसलिए धार्मिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
शास्त्री ने धार्मिक परिवर्तन और नशे का मुद्दा उठाया
दूसरी ओर, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में पंजाब में धार्मिक परिवर्तन और नशे की समस्या को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने सिख समुदाय के लोगों से अपनी धार्मिक परंपराओं और गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं से जुड़े रहने की अपील भी की। इस दौरान उन्होंने धार्मिक पहचान को बनाए रखने की बात कही।
बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणियों को लेकर प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रही हैं। उनके समर्थक उनके बयानों को धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि धार्मिक मुद्दों पर सार्वजनिक टिप्पणी करते समय दूसरे समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस पूरे विवाद में यह भी महत्वपूर्ण है कि कथित टिप्पणियों के संदर्भ और उनके पूरे भाषण को अलग-अलग तरीके से पेश किए जाने की संभावना रहती है। इसलिए किसी बयान का आकलन उसके पूरे संदर्भ में किया जाना जरूरी है।
पंजाब में धार्मिक सौहार्द पर चर्चा
विवाद के बीच पंजाब में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक भाईचारे को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राज्य में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग लंबे समय से साथ रहते आए हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले धार्मिक बयानों का सामाजिक प्रभाव भी चर्चा का विषय बनता है।
अल्पसंख्यक नेताओं ने मांग की है कि धार्मिक कार्यक्रमों में किसी भी समुदाय के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो। वहीं, शास्त्री के कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं के बीच उनकी धार्मिक और सामाजिक टिप्पणियों को लेकर समर्थन भी देखने को मिला।
नशे के खिलाफ अपील भी चर्चा में
धार्मिक विवाद के साथ-साथ शास्त्री की ओर से पंजाब के नशे के मुद्दे पर की गई अपील भी चर्चा में रही। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और अपने भविष्य पर ध्यान देने का संदेश दिया। उन्होंने माता-पिता से भी अपने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
मामला बयान और प्रतिक्रियाओं तक सीमित
फिलहाल यह विवाद मुख्य रूप से शास्त्री की कथित टिप्पणियों और उनके खिलाफ सामने आई प्रतिक्रियाओं को लेकर है। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी आपराधिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में विवादित बयानों को आरोप या प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि किसी समुदाय या व्यक्ति के खिलाफ स्थापित तथ्य के रूप में।
कुल मिलाकर, लुधियाना में बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान धर्म और धार्मिक परिवर्तन से जुड़े बयानों पर विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब के कुछ अल्पसंख्यक नेताओं ने कथित टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है और सार्वजनिक मंचों पर धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखने की मांग की है। वहीं, शास्त्री ने अपने संबोधन में नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने की अपील की।
