11 अगस्त, 2026 : पंजाब में हुए ब्लास्ट से जुड़े एक मामले की जांच में सामने आया है कि कुछ स्कूल ड्रॉपआउट युवाओं ने ऑनलाइन माध्यम से विस्फोटक बनाने की तकनीक सीखने की कोशिश की और कथित तौर पर हमलों के लिए उन्हें बेहद कम रकम का लालच दिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, युवाओं को कथित आपराधिक नेटवर्क के संपर्क में लाया गया था। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें किसने प्रभावित किया, ऑनलाइन सामग्री तक उनकी पहुंच कैसे बनी और हमलों की योजना में उनकी कथित भूमिका क्या थी।
ऑनलाइन संपर्क और प्रशिक्षण की जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि आरोपियों ने इंटरनेट के जरिए किस तरह की जानकारी हासिल की और उन्हें आपराधिक गतिविधियों में शामिल करने के लिए किसने संपर्क किया। डिजिटल साक्ष्यों और संदिग्ध नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
मामूली रकम के बदले काम कराने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं को कथित तौर पर ब्लास्ट से जुड़े काम के बदले बहुत कम पैसे देने का लालच दिया गया। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा था और इसकी गतिविधियां कितनी व्यापक थीं।
जांच एजेंसियां नेटवर्क तक पहुंचने में जुटीं
पुलिस मामले में कथित साजिश, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में शामिल लोगों की भूमिका और पूरी साजिश की तस्वीर स्पष्ट होगी।
