28 सितंबर 2026 Asian Games 2026 में भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों के स्वर्ण पदक जीतने के बाद हरियाणा एक बार फिर देश में कबड्डी के प्रमुख केंद्र के रूप में चर्चा में है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में दोनों भारतीय टीमों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इन स्वर्णिम उपलब्धियों में हरियाणा के खिलाड़ियों की बड़ी भूमिका रही। पुरुष और महिला टीमों को मिलाकर कुल 14 खिलाड़ी हरियाणा से हैं, यानी दोनों टीमों के आधे से अधिक खिलाड़ी राज्य से आते हैं।
हरियाणा के 14 खिलाड़ियों ने बढ़ाया गौरव
एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता पुरुष टीम में हरियाणा के आठ खिलाड़ी शामिल रहे। इनमें सोनीपत जिले के भैंसवाल कलां गांव के कप्तान सुनील मलिक, खानपुर कलां के आशु मलिक और सिसाना गांव के जयदीप दहिया शामिल हैं।
पानीपत जिले से नौल्था के अंकित जगलान और बापौली के राहुल रावल ने टीम में प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा रोहतक के सिंहपुरा से देवांक दलाल, झज्जर के बुपनिया से अयान और चरखी दादरी के आदमपुर से सुमित सांगवान भी स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे।
महिला टीम में भी हरियाणा की छह खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया। इनमें पानीपत जिले के बुर्श्याम गांव की पूर्व कप्तान रितु नेगी, सोनीपत के खानपुर कलां की राजरानी, चरखी दादरी के ककरौली हाटी गांव की रितु श्योराण झांगू, हिसार के भिवानी रोहिल्ला गांव की मनीषा, हिसार के हसनगढ़ की निकिता और जींद के हथवाला गांव की पूजा काजला शामिल हैं।
सात खिलाड़ी पानीपत और सोनीपत से
हरियाणा के इन 14 खिलाड़ियों में से सात खिलाड़ी पानीपत और सोनीपत जिलों से आते हैं। यह आंकड़ा इन दोनों जिलों में कबड्डी की मजबूत जमीनी पकड़ को दिखाता है।
पानीपत और सोनीपत के कई गांवों में कबड्डी को स्थानीय स्तर पर ‘मिट्टी का खेल’ कहा जाता है। यहां गांवों के मैदानों में सुबह और शाम बच्चों और युवाओं को कबड्डी का अभ्यास करते देखा जा सकता है। कई खिलाड़ी छोटी उम्र से ही इस खेल से जुड़ जाते हैं और वरिष्ठ खिलाड़ी उन्हें प्रशिक्षण देने में मदद करते हैं।
गांवों के मैदानों से निकल रहे खिलाड़ी
पानीपत के दाहर गांव में भी कबड्डी की मजबूत परंपरा देखने को मिलती है। यहां बड़ी संख्या में लड़कियां कबड्डी का प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच जोगेंद्र नांबरदार के अनुसार, दाहर में 70 से अधिक लड़कियां सक्रिय रूप से कबड्डी खेल रही हैं।
दाहर की लड़कियों ने जिला और राज्य स्तर के अलावा राष्ट्रीय तथा विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी पदक जीते हैं। आसपास के गांवों से भी खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण के लिए दाहर पहुंचते हैं। इससे पता चलता है कि कबड्डी अब केवल पुरुषों तक सीमित खेल नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियां भी इसमें बड़ी संख्या में आगे आ रही हैं।
पानीपत और सोनीपत में कबड्डी की पुरानी पहचान
पानीपत और सोनीपत के कई गांव लंबे समय से कबड्डी के लिए जाने जाते हैं। सोनीपत में रिढ़ाना और कथूरा जैसे गांवों को पहले कबड्डी के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता था। अब भैंसवाल कलां, खानपुर कलां, पुरखास और शेखपुरा जैसे गांवों में भी इस खेल को बढ़ावा मिल रहा है।
कबड्डी से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण केंद्र और स्थानीय स्तर पर अभ्यास की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे खिलाड़ियों को अपने ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है।
लड़कियों की भागीदारी भी बढ़ी
हरियाणा में कबड्डी की कहानी केवल पुरुष खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। पानीपत के कई गांवों में लड़कियां भी नियमित रूप से इस खेल का प्रशिक्षण ले रही हैं।
कबड्डी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, कई लड़कियों ने ब्लॉक और जिला स्तर से शुरुआत करने के बाद राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक का सफर तय किया है। दाहर और आसपास के गांवों से आने वाली खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति बदलते नजरिए को भी दर्शाती है।
ग्रामीण संस्कृति से जुड़ा है ‘मिट्टी का खेल’
कबड्डी की खासियत यह है कि इसे खेलने के लिए महंगे उपकरणों या बड़े मैदान की जरूरत नहीं होती। गांवों में मिट्टी के मैदान पर बच्चे आसानी से इसका अभ्यास शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में यह खेल पीढ़ियों से लोकप्रिय बना हुआ है।
वरिष्ठ खिलाड़ी और स्थानीय कोच नई पीढ़ी को खेल की तकनीक सिखाने के साथ-साथ उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करते हैं। गांवों में होने वाले स्थानीय मुकाबले भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच देते हैं।
Asian Games की सफलता से बढ़ा उत्साह
2026 Asian Games में पुरुष और महिला दोनों भारतीय कबड्डी टीमों के गोल्ड जीतने से हरियाणा के खिलाड़ियों और स्थानीय खेल संगठनों में उत्साह बढ़ा है। राज्य से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के भारतीय टीमों में शामिल होने से ग्रामीण क्षेत्रों में कबड्डी के प्रति रुचि और मजबूत होने की उम्मीद है।
हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री और Amateur Kabaddi Association, Haryana के अध्यक्ष कृष्ण लाल पंवार ने दोनों टीमों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय कबड्डी टीमों में 50 प्रतिशत से अधिक खिलाड़ी हरियाणा से हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
कबड्डी से रोजगार और पहचान के अवसर
हरियाणा में कबड्डी केवल खेल तक सीमित नहीं है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों और अन्य अवसरों का लाभ भी मिल सकता है। राज्य में कबड्डी के अलग-अलग प्रारूपों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Asian Games में हरियाणा के खिलाड़ियों की सफलता से गांवों में अभ्यास करने वाले युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है। ग्रामीण मैदानों से शुरू होने वाला यह सफर राष्ट्रीय टीम और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच रहा है।
