28 सितंबर 2026 हरियाणा में जारी मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर रोहतक में रविवार को राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। माटू राम कम्युनिटी सेंटर में हुए इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों, शिक्षाविदों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सेमिनार में SIR की प्रक्रिया, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने तथा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा हुई।
SIR को लेकर उठे सवाल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने चल रहे Special Intensive Revision को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। नागरिक अधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने SIR प्रक्रिया को वापस लेने और पूरे अभियान का सोशल ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया जून 2025 से जारी है और इसके दौरान मतदाता अधिकारों से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं। उनके इन दावों को उनके वक्तव्य के रूप में देखा जाना चाहिए।
सेमिनार में मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और नए नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को अधिक सार्वजनिक बनाने की मांग रखी।
पूर्व IAS अधिकारी ने किया सेमिनार का उद्घाटन
सेमिनार का उद्घाटन पूर्व आईएएस अधिकारी टीके शर्मा ने किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महावीर जगलान ने SIR प्रक्रिया पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में चुनावी सुधारों और मतदाता सूची से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य प्रतिभागियों ने चुनावी प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी और निगरानी बढ़ाने की जरूरत पर भी बात रखी।
कांग्रेस विधायक ने रखा अलग पक्ष
रोहतक से कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने सेमिनार में कहा कि मतदाता सूची को व्यवस्थित और अपडेट करने के लिए इस तरह के पुनरीक्षण पहले भी होते रहे हैं। उन्होंने SIR को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच चुनावी सूची में संशोधन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लेख किया।
उनकी टिप्पणी से यह स्पष्ट है कि कार्यक्रम में SIR को लेकर सभी वक्ताओं का दृष्टिकोण एक जैसा नहीं था। जहां कुछ वक्ताओं ने प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की, वहीं अन्य ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
चुनाव आयोग के अनुसार हरियाणा में SIR की प्रक्रिया
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, राज्य में SIR-2026 की प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया गया था। CEO हरियाणा ने SIR के लिए अलग पोर्टल पर ड्राफ्ट रोल, ASDD सूची और अन्य संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए SIR की अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जानी थी। इससे पहले दावे और आपत्तियां दाखिल करने तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी।
मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियों की व्यवस्था
हरियाणा CEO की वेबसाइट पर जारी जानकारी के मुताबिक, जिन मतदाताओं के Enumeration Forms प्राप्त नहीं हुए थे और जिनके नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हैं, उनके लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की व्यवस्था की गई थी। ASDD सूची में ऐसे मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई है और पात्र व्यक्ति Form 6 तथा निर्धारित घोषणा और दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में नामों की जांच और सुधार से जुड़ी आपत्तियों को दर्ज करना है। चुनाव आयोग के पोर्टल पर मतदाता अपने नाम और SIR से संबंधित जानकारी भी जांच सकते हैं।
चुनावी सुधारों पर भी चर्चा
रोहतक के सेमिनार में केवल SIR ही नहीं, बल्कि व्यापक चुनावी सुधारों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी।
कार्यक्रम में CPM नेता इंदरजीत, CPI के प्रतिनिधि एमएल सहगल और SUCI के प्रतिनिधि हरीश सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सार्वजनिक भागीदारी और संस्थागत जवाबदेही पर जोर दिया।
आगे भी जारी रहेगी SIR को लेकर चर्चा
हरियाणा में SIR की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। वहीं निर्वाचन अधिकारियों की ओर से मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया में शामिल करने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार काम किया जा रहा है।
रोहतक में आयोजित इस सेमिनार के जरिए नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने SIR को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखीं और प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया के तहत हरियाणा में SIR का पुनरीक्षण कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया है।
