13 अगस्त, 2026 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर पंचकूला में राज्यव्यापी HIV/AIDS जागरूकता और रोकथाम अभियान की शुरुआत की। यह अभियान पूरे हरियाणा में 12 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य HIV/AIDS को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बीमारी से जुड़े सामाजिक भेदभाव और कलंक को कम करना है।
अभियान की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री ने HIV से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। अभियान का मुख्य संदेश बीमारी से लड़ने और प्रभावित व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं करने पर केंद्रित है। इसके तहत लोगों को HIV के संक्रमण, बचाव, जांच और उपचार से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी HIV/AIDS की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से युवाओं से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राज्य में HIV से निपटने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा 95-95-99 HIV लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत HIV से संक्रमित लोगों की पहचान, उपचार तक पहुंच और उपचार के प्रभावी परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुरुक्षेत्र और कैथल को देश के 15 HIV-सुरक्षित जिलों में शामिल किया गया है। इन दोनों जिलों ने “सुरक्षित 95-95-99” स्थिति हासिल की है। वहीं पंचकूला, भिवानी और यमुनानगर को “सक्षम” श्रेणी में रखा गया है।
अभियान के दौरान HIV/AIDS को लेकर समाज में मौजूद गलत धारणाओं को दूर करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि HIV से प्रभावित व्यक्ति के साथ भेदभाव करने के बजाय उसे स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं से स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी हासिल करने और उसे समाज में फैलाने की अपील की गई। जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को HIV की रोकथाम और सुरक्षित व्यवहार के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अभियान के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें शैक्षणिक संस्थानों, समुदायों और अन्य सार्वजनिक मंचों के माध्यम से लोगों तक HIV/AIDS से संबंधित जानकारी पहुंचाने की योजना है। समय पर जांच और उपचार के महत्व को भी अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य जागरूकता के अलावा युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि राज्य में ITI को लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है और उद्योगों तथा प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समझौते किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में रोजगार और खेल क्षेत्र में सरकार की पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े 11 वर्षों में दो लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही, खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए लगभग 2,000 खेल नर्सरियां संचालित की जा रही हैं, जिनमें 40,000 से अधिक युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं।
HIV/AIDS जागरूकता अभियान ऐसे समय में शुरू किया गया है जब स्वास्थ्य विशेषज्ञ बीमारी की रोकथाम के लिए शुरुआती जांच, सही उपचार और सामाजिक समर्थन को महत्वपूर्ण मानते हैं। सरकार का प्रयास है कि HIV से संबंधित जानकारी केवल स्वास्थ्य संस्थानों तक सीमित न रहे, बल्कि आम लोगों तक भी पहुंचे।
अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू HIV से प्रभावित लोगों के प्रति सामाजिक सोच में बदलाव लाना है। अधिकारियों का मानना है कि बीमारी को लेकर डर और गलत जानकारी के कारण कई लोग जांच और उपचार से बचते हैं। ऐसे में जागरूकता अभियान लोगों को सही जानकारी देने और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
हरियाणा सरकार के अनुसार, अभियान के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित संस्थाएं मिलकर लोगों को HIV संक्रमण से बचाव, जांच और उपचार की उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगी।
इस अभियान से सरकार को HIV/AIDS के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के लिए अधिक सहयोगात्मक वातावरण बनाने की उम्मीद है। 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान युवाओं और आम जनता की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
