29 सितंबर 2026 पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को गांवों और स्थानीय स्तर तक मजबूत करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘नशा मुक्ति मित्र’ की भूमिका दी जा रही है। इसके तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने, खेल गतिविधियों से जोड़ने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय किया जा रहा है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए परिवार, समुदाय और बच्चों के स्तर तक ले जाना है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की गांवों में सीधी पहुंच होने के कारण उन्हें इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली नई जिम्मेदारी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पहले से ही बच्चों और महिलाओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में काम करती हैं। अब नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में भी उनकी भूमिका बढ़ाई जा रही है।
‘नशा मुक्ति मित्र’ के तौर पर कार्यकर्ता बच्चों और उनके परिवारों के साथ संवाद कर सकती हैं। उनका उद्देश्य बच्चों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।
बच्चों को खेलों से जोड़ने पर जोर
नशे से दूर रखने के लिए बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को खेल किट उपलब्ध कराई गई हैं।
इन खेल किट के माध्यम से बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों और गांवों में खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे बच्चों को खाली समय में सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करने और खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
गांवों तक पहुंचेगा नशे के खिलाफ संदेश
पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी इस अभियान को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने में मदद कर सकती है। कार्यकर्ता बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी नशे से होने वाले सामाजिक और पारिवारिक नुकसान के बारे में जागरूक कर सकती हैं।
सरकार की कोशिश है कि नशे के खिलाफ जागरूकता केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और छोटे समुदायों में भी लगातार अभियान चलाया जाए।
बच्चों की गतिविधियों पर रहेगा ध्यान
आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ नियमित गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। खेल किट मिलने के बाद इन गतिविधियों में खेलों को भी अधिक जगह दी जा सकती है।
बच्चों को छोटी उम्र से ही खेल और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का उद्देश्य उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही परिवारों को भी बच्चों की गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देने के लिए जागरूक किया जा सकता है।
नशे के खिलाफ सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की कोशिश
पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान में सरकार की ओर से पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ समाज की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। ‘नशा मुक्ति मित्र’ की पहल इसी सामुदायिक भागीदारी का हिस्सा है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के परिवारों से लगातार संपर्क में रहती हैं। ऐसे में वे नशे से जुड़े खतरों के बारे में समय रहते जागरूकता फैलाने और जरूरत पड़ने पर परिवारों को संबंधित सहायता तंत्र तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने में भूमिका निभा सकती हैं।
खेलों के जरिए सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश
खेल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ अनुशासन और टीम भावना को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। सरकार की पहल में खेल किट को शामिल करने का उद्देश्य बच्चों को ऐसी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना है।
गांवों में उपलब्ध खेल सुविधाओं को मजबूत करने और बच्चों की भागीदारी बढ़ाने से उन्हें स्वस्थ गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है। इससे नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को भी जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नशे के खिलाफ लंबी लड़ाई में महिलाओं की भूमिका
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिलाओं को भी नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। परिवारों में बच्चों के व्यवहार और गतिविधियों पर नजर रखने में माताओं और महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
इस पहल के जरिए सरकार नशे के खिलाफ संदेश को घर-घर तक पहुंचाने और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास बढ़ाना चाहती है।
कुल मिलाकर, पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘नशा मुक्ति मित्र’ की भूमिका दी जा रही है। खेल किट के माध्यम से बच्चों को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि नशे के खिलाफ जागरूकता के साथ-साथ स्वस्थ और सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सके।
