29 सितंबर 2026 पंजाब में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को नहरी पानी उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार ने अपनी प्रगति सामने रखी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत खेतों तक नहर का पानी पहुंच चुका है और सरकार का लक्ष्य राज्य के सभी खेतों तक नहरी पानी पहुंचाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों के लिए छह पंचायतों को ₹20-20 लाख के चेक भी सौंपे।
80 प्रतिशत खेतों तक पहुंचा नहरी पानी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में नहरों के विस्तार और सिंचाई व्यवस्था में सुधार के चलते अब करीब 80 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंच रहा है। सरकार का कहना है कि नहरी सिंचाई बढ़ने से किसानों को भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
पंजाब में खेती के लिए लंबे समय से भूजल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता रहा है। ऐसे में नहरों के जरिए सिंचाई का दायरा बढ़ाना राज्य की जल संरक्षण नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
100 प्रतिशत खेतों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल मौजूदा उपलब्धि तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में राज्य के 100 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, इसके लिए नहरों की क्षमता बढ़ाने, नए चैनल विकसित करने और सिंचाई व्यवस्था में सुधार जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में अभी नहरी पानी की पहुंच कम है, वहां भी सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया जा रहा है।
भूजल संरक्षण पर सरकार का जोर
पंजाब में भूजल स्तर में गिरावट लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। खासकर धान की खेती वाले क्षेत्रों में ट्यूबवेल आधारित सिंचाई पर अधिक निर्भरता के कारण भूजल पर दबाव बढ़ा है।
नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को वैकल्पिक सिंचाई सुविधा मिल सकती है। सरकार की ओर से नहरी सिंचाई को बढ़ावा देने को भूजल संरक्षण के प्रयासों से भी जोड़ा जा रहा है।
छह पंचायतों को ₹20-20 लाख के चेक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने छह पंचायतों को ₹20-20 लाख के चेक भी सौंपे। यह राशि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
पंचायतों को मिलने वाली इस राशि से गांवों में जरूरत के मुताबिक विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
गांवों के विकास पर भी फोकस
पंजाब सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। पंचायतों को सीधे विकास राशि उपलब्ध कराने का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम करवाना बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के विकास में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और स्थानीय संस्थाओं को मजबूत करके विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
किसानों के लिए नहरी पानी क्यों अहम
नहरी पानी किसानों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भरता कम की जा सकती है। पर्याप्त नहरी पानी मिलने पर किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध होता है।
पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में सिंचाई व्यवस्था का सीधा संबंध खेती की लागत, जल संसाधनों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से है। ऐसे में नहर नेटवर्क का विस्तार लंबे समय में राज्य की कृषि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
100 प्रतिशत सिंचाई का वादा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर राज्य के सभी खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया। सरकार के अनुसार, मौजूदा 80 प्रतिशत कवरेज को आगे बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक ले जाने के लिए सिंचाई ढांचे को लगातार मजबूत किया जाएगा।
इसके साथ ही पंचायतों को विकास के लिए आर्थिक सहायता देने का सिलसिला भी जारी रखने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार ने राज्य में नहरी सिंचाई का दायरा बढ़ाने की दिशा में 80 प्रतिशत खेतों तक पानी पहुंचने की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 100 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया। इसी कार्यक्रम के दौरान छह पंचायतों को विकास कार्यों के लिए ₹20-20 लाख के चेक भी दिए गए।
