20 सितंबर, 2026 : मुंबई में मानसून के दौरान मलेरिया और H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शहर में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निगरानी और रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों को तेज कर दिया है। नागरिकों से भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराने की अपील की जा रही है।
मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी
BMC के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून, जुलाई, अगस्त और 15 सितंबर तक मुंबई में मलेरिया के 5,984 मामले दर्ज किए गए। इसी अवधि में 2025 में मलेरिया के 4,304 मामले सामने आए थे। यानी इस साल मानसून के दौरान मलेरिया के मामलों में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मलेरिया मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है और मानसून के दौरान जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में शहर में मच्छर नियंत्रण और निगरानी गतिविधियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
H1N1 के मामलों में भी तेजी
मुंबई में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में भी इस साल उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। BMC के आंकड़ों के अनुसार, जून से 31 अगस्त 2026 के बीच H1N1 के 441 मामले सामने आए, जबकि 2025 में इसी अवधि के दौरान 62 मामले दर्ज किए गए थे।
सितंबर के मध्य तक उपलब्ध आंकड़ों में भी H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी बनी हुई थी। इससे स्वास्थ्य विभाग को संक्रमण की निगरानी और रोकथाम के उपायों पर और जोर देना पड़ा है।
डेंग्यू पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर
मलेरिया और H1N1 के साथ-साथ मुंबई में डेंग्यू के मामलों पर भी नजर रखी जा रही है। BMC ने बीमारी की स्थिति पर निगरानी बढ़ाने के साथ सर्वेक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों को तेज किया है। जरूरत के अनुसार दवाओं, जांच और मच्छर नियंत्रण से जुड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
BMC ने तेज किया सर्वे और रोकथाम अभियान
बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए BMC की ओर से सर्वेक्षण अभियान को तेज किया गया है। स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से बीमारी से जुड़े मामलों की पहचान और निगरानी की जा रही है।
मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए कीटनाशक छिड़काव और अन्य नियंत्रण उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है। BMC का उद्देश्य संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करना और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते कार्रवाई करना है।
मानसून में सावधानी जरूरी
मुंबई में मानसून के दौरान मलेरिया और डेंग्यू जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। BMC की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मलेरिया, डेंग्यू, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पायरोसिस और गैस्ट्रो जैसी बीमारियों की नियमित निगरानी की जाती है। H1N1 को भी स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी वाली बीमारियों में शामिल किया गया है।
नागरिकों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।
लक्षण दिखने पर जांच कराना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, कमजोरी या सांस से जुड़ी परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
H1N1 के मामलों में भी समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है। बीमारी की पुष्टि केवल लक्षणों के आधार पर नहीं की जा सकती, इसलिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराना जरूरी है।
BMC की निगरानी जारी
मुंबई में मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए BMC की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार निगरानी कर रही है। महानगरपालिका के महामारी विज्ञान विभाग के तहत अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों से बीमारी संबंधी जानकारी जुटाई जाती है और मामलों में अचानक बढ़ोतरी होने पर स्थानीय स्तर पर रोकथाम के उपाय किए जाते हैं।
