20 सितंबर, 2026 : हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दे रही है। राज्य की 6,222 ग्राम पंचायतों में से 5,154 पंचायतें अब BharatNet के तहत कवर हो चुकी हैं। यह कुल ग्राम पंचायतों का 82.84 प्रतिशत है। राज्य सरकार अब केंद्र सरकार की योजना के तहत टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़े छह सुधार लक्ष्यों को पूरा करके ₹150 करोड़ तक का प्रोत्साहन हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।
5,154 ग्राम पंचायतें BharatNet से जुड़ीं
हरियाणा में ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए BharatNet के विस्तार पर काम किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 6,222 ग्राम पंचायतों में से 5,154 को BharatNet के तहत जोड़ा जा चुका है, जबकि 1,068 ग्राम पंचायतें अभी कवर होना बाकी हैं।
BharatNet के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के लिए जरूरी नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलने की उम्मीद है।
45,130 FTTH कनेक्शन भी सक्रिय
राज्य में Fibre-to-the-Home यानी FTTH कनेक्शन के विस्तार पर भी काम चल रहा है। निर्धारित 62,220 कनेक्शनों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 45,130 FTTH कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। यह लक्ष्य का 72.53 प्रतिशत है।
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए BharatNet के बाकी कामों को तेजी से पूरा करने पर जोर दे रही है।
छह सुधार लक्ष्यों से जुड़ा है ₹150 करोड़ का प्रोत्साहन
हरियाणा के लिए केंद्र सरकार की Special Assistance to States for Capital Investment यानी SASCI 2026-27 योजना के Part VI के तहत ₹150 करोड़ का प्रोत्साहन निर्धारित है। यह पूरी राशि सीधे तौर पर तय सुधार लक्ष्यों को पूरा करने से जुड़ी है।
इस पैकेज में Right of Way यानी RoW से जुड़े सुधार, राज्य के RoW पोर्टल को मजबूत करना, लंबित आवेदनों का निपटारा, आवेदन प्रक्रिया को तेज करना, BharatNet अनुपालन और बिजली क्षेत्र से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करना शामिल है।
एक महत्वपूर्ण लक्ष्य पहले ही पूरा
हरियाणा सरकार ने 31 मार्च 2026 तक लंबित सभी Right of Way यानी RoW आवेदनों का निपटारा कर दिया है। इस उपलब्धि के आधार पर राज्य अधिकतम ₹22.5 करोड़ के प्रोत्साहन के लिए पात्र हो गया है।
अब सरकार बाकी सुधार लक्ष्यों को समय पर पूरा करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि उपलब्ध पूरे प्रोत्साहन का लाभ हासिल किया जा सके।
RoW प्रक्रिया को तेज करने पर जोर
टेलीकॉम नेटवर्क के विस्तार में Right of Way की मंजूरी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार का लक्ष्य नए RoW आवेदनों के निपटारे की औसत अवधि को 45 दिन या उससे कम करना है।
इसके लिए राज्य के Invest Haryana पोर्टल को Telecommunications (Right of Way) Rules, 2024 और BharatNet से संबंधित प्रक्रियाओं के अनुरूप अपडेट किया गया है। इससे टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अनुमोदनों की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने की कोशिश की जा रही है।
5G नेटवर्क विस्तार की भी तैयारी
हरियाणा में 5G इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी चर्चा की गई है। इसके तहत सरकारी भवनों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर 5G स्मॉल सेल, रूफटॉप साइट, पोल और फाइबर नेटवर्क स्थापित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य टेलीकॉम कंपनियों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के साथ-साथ डिजिटल कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाना है।
जिला स्तर पर टेलीकॉम समितियों को मजबूत करने की तैयारी
राज्य सरकार जिला स्तर पर टेलीकॉम से जुड़े मामलों को तेजी से सुलझाने के लिए जिला स्तरीय दूरसंचार समितियों की भूमिका बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। इन समितियों की अध्यक्षता उपायुक्तों द्वारा की जाती है।
सरकार की योजना इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने की है, ताकि RoW मंजूरी और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े स्थानीय स्तर के मामलों का समय पर समाधान किया जा सके।
भूमिगत नेटवर्क को नुकसान से बचाने पर भी ध्यान
बैठक में ‘Call Before u Dig’ यानी CBuD प्लेटफॉर्म के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य खुदाई के दौरान भूमिगत टेलीकॉम और अन्य उपयोगिताओं को होने वाले नुकसान को कम करना है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के विभिन्न विभागों के 1,204 उपयोगकर्ता फिलहाल इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं।
आगे क्या है सरकार की तैयारी?
हरियाणा सरकार अब BharatNet के तहत बची हुई ग्राम पंचायतों को जोड़ने, FTTH कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने, RoW प्रक्रिया को तेज करने और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर ध्यान दे रही है।
राज्य सरकार का लक्ष्य छह निर्धारित टेलीकॉम सुधारों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति से हरियाणा को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ₹150 करोड़ तक के प्रोत्साहन का लाभ मिल सकता है।
