20 सितंबर, 2026 : हरियाणा सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पुराने और निर्धारित उम्र पूरी कर चुके वाहनों यानी End-of-Life Vehicles (ELVs) के खिलाफ सख्त व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। सरकार की योजना के तहत 1 अक्टूबर 2026 से निर्धारित उम्र पूरी कर चुके वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर Automated Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर उसकी उम्र और वैधता की जानकारी सिस्टम से मिलाएंगे।
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन पर नजर
NCR में लागू नियमों के तहत 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को End-of-Life Vehicle की श्रेणी में रखा जाता है। हरियाणा सरकार इसी व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।
सरकार का उद्देश्य ऐसे वाहनों की पहचान करना है, जो निर्धारित संचालन अवधि पूरी कर चुके हैं और फिर भी सड़कों पर चल रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर लगाए जाएंगे ANPR कैमरे
हरियाणा परिवहन विभाग के मुताबिक, पहले चरण में NCR के चार जिलों के पेट्रोल पंपों पर कुल 775 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को वाहन की नंबर प्लेट पढ़ने और संबंधित जानकारी को केंद्रीय डेटाबेस से मिलाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
पहले चरण में गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 और फरीदाबाद में 116 कैमरे लगाए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹41.74 करोड़ है।
VAHAN डेटाबेस से जुड़ा होगा सिस्टम
ANPR कैमरों को VAHAN डेटाबेस और Command and Control Centres से जोड़ा जाएगा। इससे नंबर प्लेट स्कैन होने के बाद सिस्टम वाहन की संबंधित जानकारी की जांच कर सकेगा।
अगर कोई वाहन निर्धारित उम्र पूरी कर चुका है या उसके पास वैध Pollution Under Control Certificate (PUCC) नहीं है, तो सिस्टम पेट्रोल पंप संचालक को अलर्ट कर सकता है। इसके बाद नियमों के अनुसार ईंधन देने से इनकार, चालान या जरूरत पड़ने पर वाहन को जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
30 सितंबर तक कैमरे लगाने का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने ANPR कैमरों की स्थापना के लिए 30 सितंबर 2026 तक का लक्ष्य रखा है। इसके बाद 1 अक्टूबर से End-of-Life Vehicles को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
परिवहन मंत्री अनिल विज के अनुसार, यह व्यवस्था पर्यावरणीय नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने और पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।
चार NCR जिलों से शुरू होगा अभियान
पहले चरण में यह व्यवस्था हरियाणा के चार NCR जिलों में लागू की जा रही है। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर शामिल हैं।
इन जिलों में वाहन और पेट्रोल पंपों की संख्या अधिक होने के कारण ANPR कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। आगे चलकर राज्य में लगभग 2,780 ANPR कैमरों की जरूरत होने का अनुमान है।
पुराने वाहनों के मालिकों के सामने क्या विकल्प होंगे?
पुराने वाहनों के मालिकों को नियमों के अनुसार अपने वाहन के इस्तेमाल और आगे की व्यवस्था पर फैसला करना होगा। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक, पुराने BS-IV वाहनों को केवल इंजन में बदलाव करके BS-VI मानकों के अनुरूप बनाना व्यावहारिक विकल्प नहीं माना जाता।
ऐसे में वाहन मालिक नए वाहन में अपग्रेड करने, इलेक्ट्रिक या CNG विकल्प अपनाने अथवा पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग व्यवस्था के तहत हटाने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
प्रदूषण कम करने पर जोर
हरियाणा सरकार का यह कदम NCR में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे इलाकों में वायु प्रदूषण की समस्या के दौरान कई बार GRAP जैसे उपाय लागू किए जाते हैं।
पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर उन्हें सड़क से हटाने की व्यवस्था को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
तकनीक से होगी निगरानी
ANPR सिस्टम लागू होने के बाद वाहन मालिकों के लिए निर्धारित उम्र से अधिक पुराने वाहनों को लेकर नियमों से बचना मुश्किल हो सकता है। पेट्रोल पंप पर नंबर प्लेट स्कैन होते ही वाहन की जानकारी सिस्टम में जांची जाएगी और पात्रता के आधार पर ईंधन देने की प्रक्रिया तय होगी।
इस व्यवस्था से मैनुअल जांच पर निर्भरता कम करने और पुराने वाहनों की पहचान को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
