• Sun. Sep 20th, 2026

दिल्ली PWD मंत्री ने बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर का किया निरीक्षण, 29 सितंबर को उद्घाटन की तैयारी

20 सितंबर, 2026 :  दिल्ली के लंबे समय से प्रतीक्षित बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर को अब 29 सितंबर को जनता के लिए खोलने की तैयारी है। उद्घाटन से पहले दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शनिवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 सितंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे।

मयूर विहार से सराय काले खां तक मिलेगी सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी

बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करना है। यह कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ेगा और वहां से आगे AIIMS तथा दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाली मौजूदा कनेक्टिविटी से जुड़ेगा।

यह कॉरिडोर मौजूदा बारापुल्ला नेटवर्क से सराय काले खां के पास जुड़ेगा। इससे पूरे जुड़े हुए मार्ग की लंबाई करीब 9 किलोमीटर हो जाएगी।

उद्घाटन से पहले अधिकारियों के साथ निरीक्षण

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शनिवार को परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की स्थिति और उद्घाटन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली। PWD अधिकारियों ने बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर के दोनों रैंप का काम पूरा हो चुका है।

एक रैंप मयूर विहार की तरफ से जुड़ता है, जबकि दूसरा सराय काले खां के पास मौजूदा बारापुल्ला कॉरिडोर से जुड़ता है। यमुना के ऊपर बनाया गया एक्स्ट्रा-डोज्ड ब्रिज भी पूरा हो चुका है और यह एलिवेटेड कॉरिडोर की कनेक्टिंग संरचना का हिस्सा है।

2014 में मिली थी मंजूरी, 2015 में शुरू हुआ था काम

बारापुल्ला फेज-3 परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और इसका निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। परियोजना को मूल रूप से 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी होती रही।

देरी के चलते परियोजना की लागत में भी बढ़ोतरी हुई और इसका संशोधित खर्च करीब ₹1,635 करोड़ बताया गया है। परियोजना में जमीन से जुड़े मुद्दों, मंजूरियों और यमुना क्षेत्र में निर्माण जैसी कई चुनौतियां सामने आईं।

पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा होगी आसान

कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मयूर विहार, सराय काले खां और दक्षिणी दिल्ली की ओर आने-जाने वाले लोगों को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। परियोजना से पूर्वी दिल्ली और AIIMS सहित दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम होने की संभावना है।

Indian Express के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में पूर्वी दिल्ली से AIIMS तक पहुंचने में करीब 35 से 40 मिनट लग सकते हैं, जबकि नया कॉरिडोर चालू होने के बाद यह दूरी करीब 15 मिनट में तय होने का अनुमान बताया गया है।

साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए भी सुविधा

बारापुल्ला फेज-3 को केवल वाहनों की आवाजाही के लिए ही नहीं बनाया गया है। कॉरिडोर में समर्पित साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के अनुकूल बुनियादी ढांचा भी शामिल किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की सुविधाओं का उद्देश्य अलग-अलग तरह से यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर और सुरक्षित कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

यमुना पर विशेष पुल बना अहम हिस्सा

इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यमुना के फ्लडप्लेन के ऊपर बनाया गया विशेष एक्स्ट्रा-डोज्ड ब्रिज है। यह पुल एलिवेटेड कॉरिडोर को जोड़ने वाली संरचना का हिस्सा है।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पुल की डिजाइन इस तरह तैयार की गई है कि यमुना के सक्रिय क्षेत्र में निर्माण का प्रभाव कम रहे।

29 सितंबर को उद्घाटन की तैयारी

PWD मंत्री के निरीक्षण के बाद अब परियोजना के उद्घाटन की तैयारियों पर ध्यान दिया जा रहा है। 29 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बारापुल्ला फेज-3 का उद्घाटन किए जाने की जानकारी दी गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के भी कार्यक्रम में मौजूद रहने की बात सामने आई है।

लंबे समय से चल रही इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच यातायात कनेक्टिविटी में बदलाव की उम्मीद है। कॉरिडोर के शुरू होने से मयूर विहार, सराय काले खां और AIIMS की दिशा में जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक और अधिक सुगम मार्ग मिल सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *