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DUSU चुनाव: दिल्ली हाईकोर्ट ने जीत के जुलूस पर लगाई रोक

19 सितंबर, 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अहम निर्देश जारी करते हुए चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक लगा दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह रोक केवल दिल्ली की सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विश्वविद्यालय के कैंपस और हॉस्टल में भी लागू होगी।

हाईकोर्ट का यह निर्देश DUSU चुनाव 2026-27 के दौरान चुनावी नियमों के कथित उल्लंघन और प्रचार के दौरान सामने आई घटनाओं को लेकर सुनवाई के दौरान आया। अदालत ने चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और छात्र संगठनों को चुनाव नियमों के पालन को लेकर जवाब देने के लिए भी नोटिस जारी किए हैं।

चुनाव परिणाम के बाद जुलूस पर पूरी रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि DUSU चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद किसी उम्मीदवार, छात्र या अन्य व्यक्ति की ओर से विजय जुलूस नहीं निकाला जाना चाहिए। अदालत ने यह निर्देश दिल्ली की सड़कों के साथ-साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस और हॉस्टल के लिए भी दिया है।

अदालत ने दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी है कि परिणाम आने के बाद कोई विजय जुलूस न निकले। कोर्ट ने कहा कि निर्देश का उल्लंघन होने पर आपराधिक और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ अवमानना की कार्यवाही भी हो सकती है।

140 उम्मीदवारों और छात्र संगठनों को नोटिस

हाईकोर्ट ने DUSU चुनाव लड़ रहे 140 उम्मीदवारों और छात्र संगठनों को नोटिस जारी कर पूछा है कि चुनावी नियमों के कथित उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ सामूहिक चुनावी क्षतिपूर्ति क्यों न लगाई जाए।

अदालत ने चुनाव प्रचार के दौरान Lyngdoh Committee की सिफारिशों, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट और पहले जारी किए गए न्यायिक निर्देशों के उल्लंघन की बात पर संज्ञान लिया।

कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में बार-बार नियमों के उल्लंघन की स्थिति सामने आने के कारण अब इस मामले में सख्ती से कदम उठाने की जरूरत है। अदालत ने छात्र संगठनों और उम्मीदवारों से भी जवाब मांगा है।

प्रचार के दौरान नियम उल्लंघन पर कोर्ट की चिंता

सुनवाई के दौरान अदालत के सामने चुनाव प्रचार से जुड़ी कई घटनाओं और कथित उल्लंघनों का मुद्दा आया। इनमें वाहनों के काफिले, हथियारों के प्रदर्शन और अन्य ऐसी गतिविधियों के आरोप शामिल थे, जिन्हें अदालत ने चुनावी नियमों के संदर्भ में गंभीरता से देखा।

दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि चुनाव से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामलों में 49 वाहनों को जब्त किया गया, 5,400 से अधिक चालान जारी किए गए और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को कानून और चुनाव नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

दिल्ली पुलिस और DU को सतर्क रहने का निर्देश

अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम समेत संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया और परिणाम के बाद की स्थिति पर सतर्क रहने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

अदालत ने सार्वजनिक संपत्ति को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा।

19 सितंबर को होनी है मतगणना

DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर 2026 को हुआ था। दिल्ली विश्वविद्यालय में इस बार 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक बताया गया है। मतदान 52 केंद्रों पर हुआ था।

चार केंद्रीय पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना 19 सितंबर की सुबह शुरू हुई और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाने हैं।

चुनावी नियमों के पालन पर जोर

हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद चुनाव परिणाम आने के बाद छात्र संगठनों और उम्मीदवारों के सामने जुलूस तथा सार्वजनिक जश्न को लेकर स्पष्ट प्रतिबंध रहेगा। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को अपने उम्मीदवारों, समर्थकों और छात्रों तक इस निर्देश की जानकारी पहुंचाने को कहा है।

अदालत की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि चुनावी प्रक्रिया केवल मतदान और मतगणना तक सीमित नहीं है, बल्कि उम्मीदवारों और संगठनों को चुनाव के दौरान लागू नियमों तथा अदालत के निर्देशों का भी पालन करना होगा।

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