18 सितंबर, 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने मार्च निकाला। संगठन ने विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल की व्यवस्था करने के साथ-साथ कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग उठाई।
मार्च के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्रों को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ रहने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
छात्रों के लिए हॉस्टल की मांग
NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय में अधिक हॉस्टल उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन के अनुसार, विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या को देखते हुए आवास की सुविधा बढ़ाने की जरूरत है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हॉस्टल की सीमित उपलब्धता के कारण कई छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर रहने की व्यवस्था करनी पड़ती है।
NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के लिए हॉस्टल क्षमता बढ़ाने और इस संबंध में ठोस कदम उठाने की मांग की।
पेपर लीक के मामलों पर कार्रवाई की मांग
मार्च के दौरान छात्रों से जुड़े परीक्षा संबंधी मुद्दे भी उठाए गए। NSUI ने कथित पेपर लीक के मामलों को लेकर कार्रवाई की मांग की और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया।
संगठन का कहना है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर छात्रों पर पड़ता है। छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य को देखते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है।
परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
पेपर लीक या परीक्षा से जुड़ी किसी भी शिकायत की स्थिति में छात्रों की ओर से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की जाती रही है। NSUI ने भी संबंधित मामलों में जिम्मेदारी तय करने और छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग रखी।
परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन
NSUI के मार्च में छात्रों से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखा गया। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनके समाधान के लिए समयबद्ध कदम उठाए जाएं।
हॉस्टल, परीक्षा और अकादमिक व्यवस्था जैसे मुद्दे सीधे तौर पर छात्रों के दैनिक जीवन और पढ़ाई से जुड़े होते हैं। इसलिए छात्र संगठनों की ओर से इन विषयों को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जाते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन से समाधान की उम्मीद
मार्च के जरिए NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की। संगठन की प्रमुख मांगों में हॉस्टल की सुविधा बढ़ाना और पेपर लीक से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करना शामिल रहा।
छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद के जरिए ऐसे मुद्दों का समाधान निकालना महत्वपूर्ण माना जाता है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
आगे भी उठ सकते हैं छात्र मुद्दे
दिल्ली विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं और हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से नए छात्र दाखिला लेते हैं। ऐसे में हॉस्टल, परीक्षा व्यवस्था और अन्य छात्र सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आगे भी चर्चा में रह सकते हैं।
NSUI के मार्च ने एक बार फिर इन मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा है। अब छात्रों की मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
