30 जून 2026 : हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सीनियर सेकेंडरी स्तर के शिक्षकों के करीब 26 प्रतिशत पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता जताई जा रही है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कई विषयों में शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। खासकर 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की जरूरत होती है।
कई विषयों में पद खाली
रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में विभिन्न विषयों के पद खाली हैं। इससे छात्रों को नियमित कक्षाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में परेशानी आ रही है।
शिक्षकों की कमी के कारण कई स्कूलों में मौजूदा शिक्षक अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
छात्रों की पढ़ाई पर असर
अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड कक्षाओं में शिक्षकों की कमी छात्रों के परिणाम और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करना और खाली पदों को भरना शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी है।
भर्ती प्रक्रिया पर नजर
हरियाणा सरकार की ओर से समय-समय पर शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाती रही है। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर खाली पदों को भरने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर है।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाकर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।
