2 नवंबर 2026 : दिवाली से ठीक पहले दिल्ली के प्रमुख थोक बाजार सदर बाजार में कारोबार को बड़ा झटका लगा है। रविवार, 1 नवंबर को बाजार के व्यापारियों ने सामान्य दिनों की तुलना में कारोबार में करीब 60 प्रतिशत तक गिरावट का दावा किया। व्यापारियों के मुताबिक, रामलीला मैदान में आयोजित INDIA ब्लॉक की रैली और उससे जुड़े ट्रैफिक प्रतिबंधों की आशंका के कारण दूसरे इलाकों और शहरों से आने वाले ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पाए।
दिवाली से पहले का आखिरी रविवार कारोबारियों के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। व्यापारियों ने त्योहार की मांग को देखते हुए अपनी दुकानें खुली रखी थीं और ग्राहकों की अच्छी आवाजाही की उम्मीद की थी। लेकिन उनके अनुसार, बाजार में स्थानीय लोगों की मौजूदगी के बावजूद थोक खरीदारी करने वाले बाहरी ग्राहक कम पहुंचे।
रैली और ट्रैफिक प्रतिबंधों का कारोबार पर असर
सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने बताया कि दिवाली से पहले रविवार को दुकानें खुली रखने का मकसद अधिक से अधिक ग्राहकों को सामान खरीदने का अवसर देना था। लेकिन रैली और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बनी आशंकाओं के कारण कारोबारियों की उम्मीदों पर असर पड़ा।
व्यापारियों का कहना है कि सदर बाजार में दिल्ली के अलावा आसपास के शहरों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में खरीदार आते हैं। ट्रैफिक जाम, रास्तों में पाबंदियों और बाजार तक पहुंचने में परेशानी की आशंका के कारण कई ग्राहक दिल्ली आने से बचते रहे।
दुकानों पर सामान्य से काफी कम पहुंचे ग्राहक
बाजार में कारोबार की गिरावट का असर अलग-अलग दुकानों पर भी दिखाई दिया। पुरानी दिल्ली की फ्रंटियर बिस्किट्स के मैनेजर कुलवंत राय के मुताबिक, रविवार दोपहर 3 बजे तक उनकी दुकान पर केवल एक ग्राहक आया था, जबकि सामान्य दिनों में रोजाना करीब 25 से 35 ग्राहक पहुंचते हैं।
त्योहारी सजावट का सामान बेचने वाले दुकानदारों ने भी बिक्री में कमी की बात कही। शारदा ट्रेडर्स के मालिक अलीम के अनुसार, बाजार की सड़कों पर दिखाई दे रही भीड़ में अधिकतर स्थानीय लोग फल और सब्जियां खरीदने आए थे। उनके मुताबिक, उनकी दुकान पर सामान्य बिक्री के मुकाबले 20 प्रतिशत तक कारोबार भी नहीं हो पाया।
कृत्रिम फूलों के थोक कारोबार से जुड़े दुकानदार हमजा ने भी कहा कि दिवाली से पहले जिस तरह की भीड़ और खरीदारी की उम्मीद थी, वैसा माहौल बाजार में नहीं दिखा।
दिवाली से पहले व्यापारियों की बढ़ी चिंता
सदर बाजार में दिवाली के दौरान सजावटी सामान, कपड़े, उपहार, लाइटें, फूल और अन्य त्योहार संबंधी वस्तुओं की थोक खरीदारी होती है। दिल्ली के बाहर से आने वाले छोटे दुकानदार और व्यापारी भी यहां से सामान खरीदकर अपने शहरों में बेचते हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, कई दुकानदार त्योहार से पहले माल का स्टॉक तैयार करने के लिए पहले से निवेश करते हैं। कुछ व्यापारी दुकान किराये पर लेते हैं और सामान खरीदने के लिए कर्ज भी लेते हैं। ऐसे में त्योहार के अहम दिनों में ग्राहकों की कमी उनके लिए आर्थिक परेशानी बढ़ा सकती है।
भविष्य में बेहतर व्यवस्था की मांग
व्यापारियों ने कहा कि बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान ट्रैफिक और बाजारों तक पहुंचने की व्यवस्था पर पहले से ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि राजनीतिक कार्यक्रम और लोकतांत्रिक गतिविधियां अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके आयोजन के समय कारोबारियों, कर्मचारियों और आम लोगों की आवाजाही को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर समन्वय और योजना बनाने की जरूरत बताई है, ताकि सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ बाजारों का सामान्य कामकाज भी प्रभावित न हो।
