2 नवंबर 2026 : दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र कनॉट प्लेस में रविवार, 1 नवंबर को कई दुकानों और शोरूम के शटर बंद रहे। INDIA ब्लॉक की रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बीच बाजार में ग्राहकों की आवाजाही काफी कम दिखाई दी। दिवाली से पहले खरीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण रविवार होने के बावजूद कारोबारियों को अपेक्षित ग्राहक नहीं मिले। व्यापारियों ने रैली, ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग से जुड़ी परेशानियों को कारोबार प्रभावित होने की वजह बताया।
कई दुकानें बंद, खुले प्रतिष्ठानों में भी कम ग्राहक
कनॉट प्लेस में आमतौर पर सप्ताहांत पर अच्छी भीड़ रहती है। त्योहारों के समय यहां खरीदारी करने के लिए दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं। लेकिन रविवार को बाजार का माहौल सामान्य दिनों से अलग नजर आया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई शोरूम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। जो दुकानें खुली थीं, उनमें भी ग्राहकों की संख्या कम थी। रैली में शामिल होने आए कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता और अन्य लोग बाजार में दिखाई दिए, लेकिन सामान्य खरीदारी वाली भीड़ नजर नहीं आई।
राहुल गांधी ने दुकानें जबरन बंद कराने का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रैली के दौरान एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस पहुंचने पर उन्हें पता चला कि भाजपा ने दुकानों को जबरन बंद कराया है। इससे पहले उन्होंने रैली में आने वाले लोगों से अपील की थी कि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के साथ स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें, ताकि व्यापारियों को फायदा मिल सके।
हालांकि, मौके पर मौजूद व्यापारियों और मीडिया रिपोर्टों में कई दुकानों के बंद रहने और ग्राहकों की कमी की बात सामने आई। दुकानों को किसने और किन परिस्थितियों में बंद कराया, इस बारे में अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
व्यापारियों ने रैली और ट्रैफिक व्यवस्था पर जताई चिंता
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि बार-बार होने वाले प्रदर्शनों से कनॉट प्लेस के कारोबार पर असर पड़ रहा है। उनके मुताबिक, रैली के कारण पार्किंग की जगहों पर प्रदर्शनकारियों के वाहन खड़े थे और ग्राहकों को ट्रैफिक तथा रास्तों में संभावित पाबंदियों की चिंता थी।
कपड़ों के एक ब्रांड में काम करने वाले कर्मचारी नीलेश ने भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में बार-बार होने वाले प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित हुआ है। उनके अनुसार, शनिवार और रविवार को आमतौर पर बाजार में अच्छी भीड़ रहती है, लेकिन इस बार ग्राहकों की कमी निराशाजनक रही।
दिवाली से पहले कारोबारियों की बढ़ी चिंता
दिवाली से पहले का समय दुकानदारों के लिए साल के महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में से एक होता है। इस दौरान लोग कपड़े, उपहार, सजावटी सामान और अन्य जरूरतों की खरीदारी करते हैं। ऐसे में बाजारों में ग्राहकों की कम आवाजाही से दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो सकती है।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानें बंद रहने या ग्राहकों की संख्या घटने के बावजूद किराया, कर्मचारियों का वेतन और अन्य नियमित खर्च जारी रहते हैं। इसलिए त्योहारों के मौसम में कारोबार प्रभावित होना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा करता है।
कनॉट प्लेस में रविवार को दिखी स्थिति ने एक बार फिर बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को सामने रखा है। व्यापारियों की मांग है कि विरोध प्रदर्शन के लिए ऐसे स्थान और व्यवस्थाएं तय की जाएं, जिनसे बाजारों तक आम लोगों और ग्राहकों की पहुंच बाधित न हो।
