2 नवंबर 2026 : सैनिक स्कूल कपूरथला में 1969 से 1976 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी पढ़ाई के 50 साल पूरे होने पर गोल्डन जुबली रीयूनियन मनाया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व छात्र पांच दशक बाद अपने पुराने स्कूल परिसर में एकत्र हुए। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह (सेवानिवृत्त) ने की। समारोह में पूर्व छात्रों और मौजूदा कैडेट्स ने स्कूल की परंपरा, अनुशासन और देशसेवा के मूल्यों को याद किया।
शहीदों को श्रद्धांजलि देकर कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के सैकप स्मृति स्थल पर हुई। यहां पहुंचे पूर्व छात्रों ने देश के शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सैन्य परंपरा और सम्मान का माहौल देखने को मिला।
समारोह के दौरान स्कूल के नवीनीकृत कॉन्फ्रेंस हॉल और पटेल हाउस का भी उद्घाटन किया गया। इनका उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह और मेजर जनरल अनूप कृष्ण धर (सेवानिवृत्त) ने किया। इसके बाद पूर्व छात्रों ने स्कूल के स्टाफ और अधिकारियों के साथ मुलाकात की।
कैडेट्स को NDA और सेना में जाने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह और मेजर जनरल अनूप कृष्ण धर ने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कैडेट्स को ईमानदारी, नैतिक साहस और निस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों को अपनाने की सलाह दी।
दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी पूरे समर्पण से करने और सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने सैन्य अनुभवों के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी के महत्व को भी समझाया।
स्कूल के विकास कार्यों की दी गई जानकारी
स्कूल के प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन आई. मनोज मेनन ने पूर्व छात्रों को परिसर में चल रहे विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैडेट्स के व्यक्तित्व विकास और शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए भी कई पहल की जा रही हैं।
प्रिंसिपल ने स्कूल की ऐतिहासिक इमारतों के रखरखाव और पुनर्स्थापन से जुड़ी योजना के बारे में भी जानकारी दी। इस योजना को मंजूरी और फंड जारी करने के लिए पंजाब सरकार के पास भेजा गया है।
पूर्व छात्रों ने स्कूल को दिए 5 लाख रुपये
गोल्डन जुबली रीयूनियन के दौरान 1969-76 बैच के पूर्व छात्रों ने अपने स्कूल को कुल 5 लाख रुपये का योगदान दिया। इसमें से 3.5 लाख रुपये मेधावी और जरूरतमंद कैडेट्स की सहायता के लिए स्कॉलरशिप फंड में दिए गए।
इसके अलावा, 1.5 लाख रुपये स्कूल परिसर में प्रेरणादायक डिस्प्ले बोर्ड लगाने के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन बोर्डों के माध्यम से विद्यार्थियों को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पांच दशक बाद भी स्कूल से जुड़ा रहा रिश्ता
गोल्डन जुबली रीयूनियन केवल पुराने साथियों के मिलने का अवसर नहीं रहा, बल्कि पूर्व छात्रों ने अपनी संस्था के विकास में योगदान देकर स्कूल के साथ अपने संबंधों को भी मजबूत किया। समारोह में वर्तमान कैडेट्स को वरिष्ठ पूर्व छात्रों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला।
सैनिक स्कूल कपूरथला की स्थापना 8 जुलाई 1961 को हुई थी। स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक और शारीरिक रूप से तैयार कर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के माध्यम से सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने के अवसर प्रदान करना रहा है।
