29 सितंबर 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-UG में होशियारपुर के Kandi इलाके की छात्रा Riya Sharma ने शानदार प्रदर्शन किया है। तलवाड़ा के पास Nagar गांव की रहने वाली Riya Sharma ने NEET-UG में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 46 हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया और मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी, नियमित रिवीजन और लगातार अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
Kandi जैसे क्षेत्र से हासिल की बड़ी सफलता
Riya Sharma की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वह होशियारपुर के Kandi क्षेत्र से आती हैं, जहां बड़े शहरों की तुलना में विशेष शैक्षणिक सुविधाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के विकल्प सीमित हैं। इसके बावजूद Riya ने NEET जैसी कठिन परीक्षा में देशभर के लाखों विद्यार्थियों के बीच 46वीं रैंक हासिल की।
उनकी उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों में भी उत्साह है। Riya की सफलता यह दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बीच भी नियमित पढ़ाई और मजबूत लक्ष्य के साथ विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
किसी कोचिंग संस्थान में नहीं लिया दाखिला
Riya Sharma ने NEET की तैयारी के दौरान किसी कोचिंग संस्थान में दाखिला नहीं लिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया और सिलेबस पर फोकस करते हुए लगातार रिवीजन और प्रैक्टिस की।
Riya के मुताबिक उनकी तैयारी में सेल्फ स्टडी और अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पढ़ाई के लिए एक नियमित रूटीन बनाए रखा और परीक्षा के सिलेबस को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखी।
दसवीं में 10 CGPA, बारहवीं में 93 प्रतिशत
Riya Sharma का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी शुरू से ही मजबूत रहा है। उन्होंने कक्षा 10वीं में 10 CGPA हासिल किया था। इसके बाद 12वीं कक्षा में उन्होंने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
स्कूल स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद Riya ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का लक्ष्य तय किया और NEET की तैयारी शुरू की। बिना किसी संस्थागत कोचिंग के राष्ट्रीय स्तर पर इतनी अच्छी रैंक हासिल करना उनके निरंतर प्रयास को दर्शाता है।
परिवार ने दिया पूरा सहयोग
Riya Sharma के पिता Pawan Sharma ITI-Sansarpur Terrace में Group Instructor के पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी मां Praveen Sharma गृहिणी हैं। परिवार ने Riya की पढ़ाई और उसके लक्ष्य को हासिल करने में पूरा सहयोग दिया।
Riya की मां के अनुसार, वह पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर और प्रतिबद्ध थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, Riya अपनी तैयारी में ज्यादातर समय पढ़ाई को देती थीं और कई बार केवल पांच से छह घंटे की नींद लेकर भी तैयारी जारी रखती थीं।
Army में कार्यरत मामा से मिली प्रेरणा
Riya ने अपनी सफलता में अपने परिवार के साथ-साथ अपने मामा Vijay Sharma की भूमिका का भी उल्लेख किया है। Vijay Sharma भारतीय सेना में कार्यरत हैं और Riya के लिए प्रेरणा एवं मार्गदर्शन का स्रोत रहे हैं।
परिवार के सहयोग और खुद की मेहनत के साथ Riya ने अपनी तैयारी को लगातार आगे बढ़ाया। यही अनुशासन आखिरकार NEET-UG में AIR 46 के रूप में सामने आया।
बचपन से डॉक्टर बनने का सपना
Riya Sharma बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं। NEET में शानदार रैंक हासिल करने के बाद अब उनका लक्ष्य मेडिकल की पढ़ाई शुरू करना है।
वह MBBS के लिए दिल्ली के Safdarjung Hospital या Government Medical College and Hospital, Sector 32, Chandigarh में पढ़ाई करने की इच्छा रखती हैं। MBBS पूरा करने के बाद उनका लक्ष्य Medicine में MD करना है।
Kandi के विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा
Riya की सफलता ने Kandi क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भी एक उदाहरण पेश किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों और महंगी कोचिंग पर निर्भर रहने की धारणा के बीच Riya ने सेल्फ स्टडी के जरिए देश की शीर्ष रैंक में जगह बनाई है।
उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के दूसरे छात्र भी प्रेरित हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह सफलता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे विद्यार्थियों में यह विश्वास मजबूत हो सकता है कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ सीमित सुविधाओं के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
सफलता के पीछे रही लगातार मेहनत
NEET जैसी परीक्षा में सफलता के लिए लंबे समय तक लगातार तैयारी की जरूरत होती है। Riya ने भी अपनी तैयारी के दौरान पढ़ाई, रिवीजन और प्रश्नों के अभ्यास पर ध्यान बनाए रखा। उन्होंने किसी शॉर्टकट के बजाय अपनी मेहनत और नियमित अध्ययन को प्राथमिकता दी।
उनकी कहानी केवल एक अच्छी रैंक की कहानी नहीं है, बल्कि यह भी बताती है कि छोटे या अपेक्षाकृत दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।
