29 सितंबर 2026 पंजाब के लुधियाना से जुड़ी एक छात्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। CT University की BA सेकंड ईयर की छात्रा स्नेहा घरामी ने कनाडा के विन्निपेग में आयोजित Commonwealth Powerlifting Championship में चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इसके साथ ही उन्होंने जूनियर 76 किलोग्राम वर्ग में तीन नए चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी बनाए। यह प्रतियोगिता 17 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित की गई थी।
तीनों इवेंट में जीता गोल्ड
स्नेहा घरामी ने प्रतियोगिता के तीनों व्यक्तिगत इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने स्क्वाट, बेंच प्रेस और डेडलिफ्ट में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद उन्होंने तीनों इवेंट के कुल प्रदर्शन के आधार पर ओवरऑल गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया।
इस तरह स्नेहा ने प्रतियोगिता में कुल चार गोल्ड मेडल हासिल किए। उनका कुल स्कोर 500 किलोग्राम रहा, जिसने उन्हें जूनियर 76 किलोग्राम वर्ग का ओवरऑल चैंपियन बनाया।
स्क्वाट, बेंच प्रेस और डेडलिफ्ट में बनाए रिकॉर्ड
स्नेहा का प्रदर्शन केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने प्रतियोगिता के तीनों प्रमुख लिफ्टिंग इवेंट में नए रिकॉर्ड कायम किए।
उन्होंने स्क्वाट में 190 किलोग्राम, बेंच प्रेस में 120 किलोग्राम और डेडलिफ्ट में 190 किलोग्राम वजन उठाया। इन तीनों प्रदर्शन को संबंधित इवेंट में नया चैंपियनशिप रिकॉर्ड बताया गया है।
पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं स्नेहा
स्नेहा घरामी मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं और CT University में BA सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए जूनियर 76 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया।
CT University के अनुसार, स्नेहा को इससे पहले राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी सफलता मिली थी। जुलाई में विश्वविद्यालय ने बताया था कि उनका चयन कनाडा में होने वाली Commonwealth Powerlifting Championship के लिए हुआ था। उन्होंने हैदराबाद में आयोजित National Equipped Powerlifting Championship में भी शानदार प्रदर्शन किया था।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद जारी रखा प्रशिक्षण
स्नेहा की अंतरराष्ट्रीय सफलता के पीछे लगातार मेहनत और प्रशिक्षण की भूमिका रही है। CT University के अनुसार, उन्हें खेल छात्रवृत्ति कार्यक्रम के माध्यम से भी सहयोग मिला, जिससे वह पढ़ाई के साथ अपने खेल प्रशिक्षण को जारी रख सकीं। विश्वविद्यालय ने उनके चयन को कई वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से मिला महत्वपूर्ण अनुभव
प्रतियोगिता के बाद स्नेहा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने से उन्हें काफी महत्वपूर्ण अनुभव मिला। इस दौरान उन्हें बड़े मंच पर प्रदर्शन करने के दबाव को संभालने और उच्च स्तर की प्रतियोगिता की मांगों को समझने का अवसर मिला।
उन्होंने उम्मीद जताई कि विन्निपेग में मिला यह अनुभव भविष्य की प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।
लुधियाना के खेल जगत ने दी बधाई
स्नेहा की उपलब्धि पर लुधियाना Weightlifting Association के महासचिव प्रवेश चंदर शर्मा ने भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने स्नेहा के प्रदर्शन को उनकी मेहनत, दृढ़ता और बढ़ती क्षमता का प्रमाण बताया।
प्रवेश चंदर शर्मा खुद भी 1990 में ऑकलैंड, न्यूजीलैंड में हुए Commonwealth Games में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लगातार प्रशिक्षण और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में अनुभव मिलने से स्नेहा आने वाले समय में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
CT University ने भी किया सम्मान
स्नेहा की उपलब्धि पर CT University की ओर से भी खुशी जताई गई। विश्वविद्यालय ने उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को संस्थान और देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
चार गोल्ड मेडल और तीन चैंपियनशिप रिकॉर्ड के साथ स्नेहा ने यह दिखाया है कि युवा खिलाड़ी लगातार मेहनत और बेहतर प्रशिक्षण के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
Commonwealth Powerlifting Championship में स्नेहा का प्रदर्शन उनके खेल करियर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। तीनों व्यक्तिगत इवेंट में रिकॉर्ड बनाने के बाद ओवरऑल खिताब जीतना उनके प्रदर्शन की निरंतरता को दर्शाता है।
अब उनके सामने आगे होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इस प्रदर्शन को बरकरार रखने की चुनौती होगी। बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ उनसे भविष्य में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
