29 सितंबर 2026 खरीफ सीजन के दौरान धान की कटाई और सरकारी खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए अमृतसर जिला प्रशासन ने किसानों और कंबाइन ऑपरेटरों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धान की समय से पहले कटाई न करें और मंडियों में केवल अच्छी तरह सूखी हुई फसल ही लेकर आएं।
प्रशासन का कहना है कि धान में निर्धारित सीमा से अधिक नमी होने पर किसानों को मंडियों में फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कटाई से पहले फसल के पूरी तरह पकने का इंतजार करना और खरीद के निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है।
17 प्रतिशत नमी की सीमा तय
अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने मौजूदा सीजन में धान की सरकारी खरीद के लिए अधिकतम 17 प्रतिशत नमी की सीमा निर्धारित की है। यदि धान में इससे अधिक नमी पाई जाती है तो खरीद केंद्रों पर किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत हो सकती है।
उन्होंने किसानों से कहा कि कटाई के बाद धान को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडियों में लाया जाए। इससे फसल सरकारी खरीद के निर्धारित मानकों को पूरा कर सकेगी और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
समय से पहले धान की कटाई न करने की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान की जल्दबाजी में कटाई न करें। फसल के पूरी तरह पकने से पहले कटाई करने पर उसकी गुणवत्ता और नमी से जुड़ी समस्या सामने आ सकती है।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंडियों में पहुंचने वाली फसल खरीद के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। इससे खरीद प्रक्रिया भी व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सकेगी और किसानों को मंडियों में अनावश्यक इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कंबाइन ऑपरेटरों के लिए भी निर्देश
प्रशासन ने कंबाइन हार्वेस्टर ऑपरेटरों के लिए भी कटाई का समय निर्धारित किया है। निर्देश के अनुसार धान की कटाई सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच करने को कहा गया है।
प्रशासन ने किसानों और कंबाइन ऑपरेटरों से इन निर्धारित समयों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि harvesting और procurement से जुड़े नियमों का पालन करने से पूरे जिले में धान की खरीद प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
गांवों में लगाए जाएंगे जागरूकता कैंप
किसानों तक खरीद से जुड़े नियमों की सही जानकारी पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य कृषि अधिकारी और जिला मंडी अधिकारी को जिले के विभिन्न गांवों में जागरूकता कैंप आयोजित करने के लिए कहा गया है।
इन कैंपों के माध्यम से किसानों को धान में निर्धारित नमी की सीमा, कटाई के उचित समय और मंडियों में फसल लाने से संबंधित जरूरी जानकारी दी जाएगी। खासतौर पर दूरदराज के इलाकों के किसानों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
धान का सरकारी भाव ₹2,461 प्रति क्विंटल
मौजूदा सीजन के लिए केंद्र सरकार ने धान का निर्धारित मूल्य ₹2,461 प्रति क्विंटल तय किया है। ऐसे में किसानों के लिए यह जरूरी है कि उनकी फसल खरीद के निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करे।
प्रशासन ने किसानों से कहा है कि मंडी में फसल लाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि धान पर्याप्त रूप से सूखा हुआ हो और उसमें निर्धारित सीमा से ज्यादा नमी न हो।
खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने पर जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि धान की कटाई और खरीद के दौरान किसानों, कंबाइन ऑपरेटरों और मंडी से जुड़े अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। समय से पहले कटाई और अधिक नमी वाली फसल मंडियों में आने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से प्रशासन की ओर से किसानों को पहले से जागरूक किया जा रहा है, ताकि मंडियों में पहुंचने वाली फसल खरीद के मानकों के अनुरूप हो और किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।
किसानों से नियमों का पालन करने की अपील
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कृषि और मंडी विभाग के अधिकारियों को भी लगातार किसानों के बीच जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि धान खरीद सीजन के दौरान किसानों को कम से कम परेशानी हो और मंडियों में फसल की खरीद व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सके।
