12 अगस्त, 2026 : पंजाब सरकार ने स्कूलों में नशे के दुरुपयोग के शुरुआती संकेतों की पहचान करने के लिए 21,850 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों में नशे से जुड़े व्यवहार या जोखिम के संकेतों को समय रहते पहचानने और उचित सहायता तक पहुंचाने में सक्षम बनाना है।
सरकार की इस पहल के तहत शिक्षकों को नशे के संभावित संकेतों, विद्यार्थियों के व्यवहार में बदलाव और संवेदनशील मामलों से निपटने के तरीके के बारे में जानकारी दी जाएगी।
21,850 शिक्षक होंगे प्रशिक्षित
कार्यक्रम के तहत राज्य के 21,850 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का फोकस विद्यार्थियों में नशे से जुड़े संभावित जोखिमों की शुरुआती पहचान और समय पर हस्तक्षेप पर रहेगा।
स्कूलों में बढ़ेगी जागरूकता
शिक्षकों को विद्यार्थियों के व्यवहार, पढ़ाई और सामाजिक गतिविधियों में आने वाले असामान्य बदलावों को समझने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में नशे के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम की व्यवस्था को मजबूत करना है।
समय पर सहायता दिलाने पर जोर
सरकार का लक्ष्य केवल नशे की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को उचित परामर्श और सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना भी है। शिक्षक ऐसे मामलों को संबंधित विशेषज्ञों या विभागों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नशामुक्त पंजाब की दिशा में पहल
पंजाब सरकार लंबे समय से राज्य को नशे की समस्या से मुक्त करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चला रही है। स्कूलों में शिक्षकों की भूमिका मजबूत करने वाली यह पहल युवाओं में नशे की रोकथाम के प्रयासों का हिस्सा है।
