30 जून 2026 : हरियाणा के पानीपत में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों से ग्रीन फाइन (पर्यावरण जुर्माना) की वसूली की रफ्तार धीमी बनी हुई है। अधिकारियों की कार्रवाई के बावजूद कई मामलों में जुर्माने की राशि अब तक पूरी तरह वसूल नहीं हो पाई है।
पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए जुर्माने का उद्देश्य लोगों और संस्थानों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है, लेकिन धीमी वसूली से इस व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
कई मामलों में लंबित है भुगतान प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों व संस्थानों के खिलाफ चालान किए गए हैं। हालांकि, कई मामलों में जुर्माने की राशि जमा नहीं हुई है, जिससे वसूली प्रक्रिया लंबी खिंच रही है।
अधिकारियों का कहना है कि बकाया राशि की वसूली के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर चुनौती
पानीपत औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां प्रदूषण नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है। निर्माण कार्य, कचरा प्रबंधन और अन्य गतिविधियों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जुर्माने की प्रभावी वसूली से ही लोगों में नियमों के प्रति गंभीरता बढ़ सकती है।
प्रशासन ने तेज कार्रवाई का दिया भरोसा
प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण नियमों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि लंबित जुर्माने की वसूली प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
