• Sun. Sep 20th, 2026

30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर ढेर, DSP और हेड कांस्टेबल बाल-बाल बचे

20 सितंबर, 2026 :   उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार तड़के यूपी एटीएस और पुलिस की टीम के साथ हुई मुठभेड़ में 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता मारा गया। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ रामनगर थाना क्षेत्र में लंका मैदान के पास हुई। इस दौरान नक्सली की ओर से की गई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, हालांकि दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे।

30 लाख रुपये का था इनाम

पुलिस के अनुसार, बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लूटू गांव का रहने वाला था। वह झारखंड के प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का सक्रिय कमांडर बताया गया है।

बृजेश पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम शामिल था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी

पुलिस के मुताबिक, रविवार तड़के बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा था। इसी दौरान पुलिस और यूपी एटीएस को उसके बारे में सूचना मिली।

सूचना के आधार पर टीम ने रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि टीम को देखते ही बृजेश मोटरसाइकिल से उतर गया और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश करने लगा। इसके बाद पुलिस और एटीएस की टीम ने जवाबी कार्रवाई की।

DSP और हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली

मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी। दोनों पुलिसकर्मी जैकेट की वजह से सुरक्षित रहे।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने इलाके में जांच शुरू कर दी और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बृजेश गंझू घायल हो गया। इसके बाद पुलिस टीम उसे इलाज के लिए रामनगर के लालबहादुर शास्त्री अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस उसके साथियों और वाराणसी आने के उद्देश्य सहित मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

39 आपराधिक मामलों में वांछित था बृजेश

पुलिस से जुड़े रिपोर्टों के अनुसार, बृजेश गंझू के खिलाफ झारखंड में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वह हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक साजिश, हथियारों से जुड़े मामलों और UAPA की धाराओं सहित 39 मामलों में वांछित था।

वह झारखंड स्थित प्रतिबंधित संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी का वरिष्ठ नेता और कमांडर बताया गया है। उसकी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उस पर नजर रख रही थीं।

वाराणसी में मौजूदगी की वजह की जांच

मुठभेड़ के बाद अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बृजेश गंझू वाराणसी क्यों आया था और उसके साथ मौजूद व्यक्ति की भूमिका क्या थी। उसके अन्य संभावित सहयोगियों और संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम कार्रवाई

बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार और NIA की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ऐसे में वाराणसी में उसकी मौजूदगी और उसके बाद हुई मुठभेड़ ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है।

हालांकि, मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई के संबंध में आगे की आधिकारिक जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल पुलिस ने घटना स्थल की जांच और पूछताछ का काम जारी रखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *