19 सितंबर, 2026 : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के बाद पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने CEO की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रस्ट में ऐसी नियुक्ति पहले ही हो जानी चाहिए थी, क्योंकि किसी भी व्यवस्था में जवाबदेही और जिम्मेदारी जरूरी होती है।
जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर 2026 को हुई बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई थी। CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के बाद तीन उम्मीदवारों के नाम अंतिम चरण के लिए सामने आए, जिनमें से जितेंद्र मिश्रा को पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया गया।
बृजभूषण सिंह ने नियुक्ति को बताया जरूरी
बृजभूषण सिंह ने कहा कि CEO की नियुक्ति पहले ही हो जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक किसी भी संस्थान में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने ट्रस्ट के कामकाज में निगरानी और देखरेख की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि संत अन्य धार्मिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं, लेकिन वित्तीय हिसाब-किताब और प्रशासनिक निगरानी का काम हर किसी के लिए आसान नहीं होता। इसी वजह से उन्होंने CEO जैसे पद की आवश्यकता पर जोर दिया।
नए CEO को दी सावधानी बरतने की सलाह
बृजभूषण सिंह ने जितेंद्र मिश्रा को बधाई देते हुए उन्हें सावधानी से काम करने की सलाह भी दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की स्थिति सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था से अलग है और यहां सावधानी की जरूरत होगी। कुछ रिपोर्टों में उनके हवाले से ट्रस्ट में ‘गुप्त शत्रु’ होने की बात भी सामने आई है। यह उनका व्यक्तिगत बयान है, किसी आधिकारिक जांच का निष्कर्ष नहीं।
CEO के सामने कई अहम जिम्मेदारियां
जितेंद्र मिश्रा के सामने राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी कई जिम्मेदारियां होंगी। इनमें मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा, कर्मचारियों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और विभिन्न विभागों व एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे काम शामिल बताए गए हैं।
CEO की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता तथा निगरानी पर चर्चा होती रही है। ट्रस्ट ने इस पद के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया है।
ट्रस्ट में अन्य बदलाव भी हुए
CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में अन्य बदलाव भी किए गए हैं। स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा ट्रस्ट में खाली तीन पदों पर महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को नया न्यासी नियुक्त किया गया है।
हिसाब-किताब और निगरानी पर जोर
बृजभूषण सिंह के बयान का मुख्य फोकस ट्रस्ट में जवाबदेही और निगरानी की व्यवस्था पर रहा। उन्होंने कहा कि मंदिर जैसी बड़ी संस्था में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वित्तीय हिसाब-किताब और निगरानी के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब CEO पद को लेकर ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना में बदलाव की चर्चा हो रही है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से CEO की नियुक्ति को लेकर चयन प्रक्रिया और नियुक्ति की जानकारी सार्वजनिक की गई है।
नए CEO से बदलाव की उम्मीद
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद अब उनका फोकस मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने पर रहेगा। बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच सुरक्षा, सुविधा, कर्मचारी प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय उनके सामने प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होंगे।
