29 अगस्त 2026: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने शहर के विभिन्न जोनों में विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों, खासकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा।
युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
जागरूकता सेमिनारों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को नशे के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी। युवाओं से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान दें।
पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
विभिन्न जोनों में आयोजित किए गए कार्यक्रम
कमिश्नरेट पुलिस की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय लोगों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों ने हिस्सा लिया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को नशे की तस्करी और सेवन से जुड़े खतरों के बारे में बताया तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने की अपील की।
नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती का संदेश
सेमिनारों के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का लक्ष्य नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के साथ-साथ समाज में इसके खिलाफ जागरूकता बढ़ाना भी है।
अधिकारियों ने लोगों से कहा कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की तस्करी या बिक्री में शामिल है तो इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं।
परिवारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण
पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों और युवाओं के व्यवहार पर ध्यान देने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि परिवार का सहयोग नशे की समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
युवाओं में समय रहते नशे के प्रति जागरूकता पैदा करने से उन्हें गलत संगत और नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सकता है।
समाज को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत पुलिस का जोर कार्रवाई के साथ-साथ जनभागीदारी पर भी है। जागरूकता सेमिनारों के जरिए लोगों को नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पुलिस ने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस, परिवार, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा।
कुल मिलाकर, जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत विभिन्न जोनों में विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित कर युवाओं और आम लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ समाज की भागीदारी को भी अभियान की सफलता के लिए जरूरी बताया।
