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भाखड़ा बांध की ‘दीवार झुकने’ के दावे से दिल्ली में बाढ़ का डर, सरकार के फैक्ट-चेक ने खोली सच्चाई

29 अगस्त 2026: सोशल मीडिया पर भाखड़ा बांध की दीवार के कथित तौर पर झुकने और इससे दिल्ली में भीषण बाढ़ आने का दावा तेजी से फैलने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई। हालांकि, सरकार के आधिकारिक फैक्ट-चेक में इस दावे को गलत बताया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दावा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरों के साथ दावा किया गया कि भाखड़ा बांध की दीवार झुक गई है और बांध को नुकसान पहुंचा है। इस दावे के बाद दिल्ली और आसपास के इलाकों में संभावित बाढ़ को लेकर लोगों के बीच डर का माहौल बनने लगा।

वायरल संदेशों में बांध की कथित स्थिति को दिल्ली में बाढ़ के खतरे से जोड़कर पेश किया गया।

सरकार ने दावे को बताया फर्जी

सरकार के फैक्ट-चेक तंत्र ने वायरल दावे की जांच की और इसे भ्रामक एवं गलत बताया। जांच में सामने आया कि भाखड़ा बांध की संरचना को लेकर सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता।

सरकार ने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि किए ऐसे संदेशों और वीडियो को आगे साझा न करें।

बांध की सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट

फैक्ट-चेक के मुताबिक, भाखड़ा बांध की दीवार के झुकने या बांध के असुरक्षित होने जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। वायरल सामग्री के आधार पर बांध की स्थिति को लेकर डर फैलाना उचित नहीं है।

अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

दिल्ली में बाढ़ के डर से बढ़ी चिंता

दिल्ली में यमुना के जलस्तर और मानसून के दौरान बाढ़ की आशंका को लेकर पहले से ही लोगों की नजर बनी रहती है। ऐसे में भाखड़ा बांध से जुड़ा वायरल दावा तेजी से फैलने के कारण लोगों की चिंता और बढ़ गई।

हालांकि, सरकार के फैक्ट-चेक के बाद स्पष्ट हो गया कि भाखड़ा बांध की दीवार के झुकने का दावा सही नहीं है।

अफवाहों से बचने की अपील

सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली संवेदनशील खबरों को साझा करने से पहले उनकी सत्यता जांच लें। खासतौर पर बांध, बाढ़ और मौसम जैसी आपदा से जुड़ी जानकारी में अफवाहें लोगों में अनावश्यक डर पैदा कर सकती हैं।

कुल मिलाकर, भाखड़ा बांध की दीवार झुकने और इससे दिल्ली में बाढ़ आने का वायरल दावा गलत पाया गया है। सरकार के फैक्ट-चेक ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करें।

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