29 अगस्त 2026: पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से मेडिकल स्टोर्स की जांच की। अधिकारियों की टीम ने विभिन्न मेडिकल दुकानों पर पहुंचकर दवाइयों का रिकॉर्ड, बिक्री रजिस्टर और लाइसेंस संबंधी दस्तावेज खंगाले। इस दौरान संचालकों को प्रतिबंधित और नशीली दवाइयों की बिक्री को लेकर सख्त निर्देश भी दिए गए।
मेडिकल स्टोर्स पर अचानक पहुंची टीम
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानदारों से दवाइयों की खरीद और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड मांगा और उसकी जांच की।
जांच के दौरान यह भी देखा गया कि मेडिकल स्टोर पर दवाइयों की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है या नहीं।
दवाइयों के रिकॉर्ड की हुई जांच
अधिकारियों ने विशेष रूप से ऐसी दवाइयों के रिकॉर्ड की जांच की, जिनका गलत इस्तेमाल नशे के लिए किए जाने की आशंका रहती है।
मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए कि बिना वैध डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित या नियंत्रित दवाइयां किसी को न दी जाएं और प्रत्येक बिक्री का उचित रिकॉर्ड रखा जाए।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट किया कि यदि किसी दुकान पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है या प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध बिक्री सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने दुकानदारों से अपील की कि वे नशे के कारोबार को बढ़ावा देने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल न हों।
नशे की सप्लाई रोकने पर जोर
पुलिस और प्रशासन का यह अभियान नशे की सप्लाई पर रोक लगाने की रणनीति का हिस्सा है। अधिकारियों का मानना है कि नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर नियंत्रण करके नशे के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।
इसी वजह से मेडिकल स्टोर्स के रिकॉर्ड और दवाइयों की बिक्री पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
दुकानदारों को दिए जरूरी निर्देश
अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालकों से कहा कि वे दवाइयों की खरीद-बिक्री से संबंधित सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या अवैध मांग की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन को सूचित करने की अपील भी की गई।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
पुलिस और प्रशासन ने संकेत दिया कि मेडिकल स्टोर्स की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, नशे के खिलाफ अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से मेडिकल स्टोर्स की चेकिंग की और दवाइयों की खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध बिक्री से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए।
