29 अगस्त 2026: पंजाब के छोटे औद्योगिक शहर नंगल की एक पारिवारिक ऑटो इंजीनियरिंग कंपनी ने अपने अनोखे और उपयोगी वाहनों के जरिए देश-विदेश में पहचान बनाई है। इंदर ऑटो इंडस्ट्रीज मोटरसाइकिल साइडकार, दिव्यांगों के लिए मोबिलिटी समाधान और अब आपातकालीन सेवाओं के लिए बाइक एंबुलेंस तैयार कर रही है। कंपनी की स्थापना 1976 में मैकेनिकल इंजीनियर वरिंदर पाल सिंह ने की थी।
छोटे वर्कशॉप से शुरू हुआ सफर
इंदर ऑटो इंडस्ट्रीज की शुरुआत एक छोटे वर्कशॉप से हुई थी। कंपनी का शुरुआती उद्देश्य दिव्यांग लोगों के लिए ऐसी तकनीक और वाहन तैयार करना था, जिससे उनकी आवाजाही आसान हो सके।
कंपनी के मौजूदा प्रमुख सिमरनजीत सिंह ने पढ़ाई पूरी करने के बाद पारिवारिक कारोबार संभाला। उनके अनुसार, उनके पिता का मानना था कि तकनीक का इस्तेमाल समाज की मदद के लिए होना चाहिए और यही सोच आज भी कंपनी के काम का आधार है।
दुनिया के कई देशों में साइडकार की मांग
कंपनी हाथ से तैयार किए गए मोटरसाइकिल साइडकार बनाती है। इन्हें Harley-Davidson और BMW जैसी प्रीमियम मोटरसाइकिलों के साथ लगाया जा सकता है।
कंपनी के अनुसार, हर साल करीब 300 साइडकार विदेशों में निर्यात किए जाते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर समेत कई देशों में इनके उत्पाद भेजे जा रहे हैं।
बाइक को बनाया मोबाइल क्लासरूम
कंपनी ने केवल साइडकार तक खुद को सीमित नहीं रखा। वर्ष 2012 में दक्षिण अफ्रीका के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए कंपनी ने एक विशेष मोबाइल क्लासरूम साइडकार भी डिजाइन किया था।
इस परियोजना के तहत करीब 25 यूनिट तैयार कर सप्लाई की गई थीं। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना था, जहां सामान्य वाहन आसानी से नहीं पहुंच सकते।
अब बाइक एंबुलेंस की नई पहल
कंपनी की सबसे खास नई पहल मोटरसाइकिल एंबुलेंस है। इसे खास तौर पर ऐसी जगहों के लिए तैयार किया गया है जहां सामान्य एंबुलेंस का पहुंचना मुश्किल होता है।
संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों और दूरदराज के गांवों में बाइक एंबुलेंस तेजी से मरीज तक पहुंच सकती है।
ICU की सुविधा वाली बाइक एंबुलेंस
कंपनी ने एक ऐसी बाइक एंबुलेंस भी विकसित की है जिसमें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसका उद्देश्य मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही प्राथमिक चिकित्सा और जरूरी स्थिरीकरण उपलब्ध कराना है। कंपनी के मुताबिक, इस डिजाइन को DRDO से मंजूरी मिल चुकी है और विभिन्न राज्यों में परिवहन संबंधी पंजीकरण व अन्य मंजूरियों की प्रक्रिया बाकी है।
करीब 200 बाइक एंबुलेंस पहले ही सप्लाई
कंपनी पहले ही बिना ICU सुविधा वाली करीब 200 मोटरसाइकिल एंबुलेंस विभिन्न परियोजनाओं के लिए उपलब्ध करा चुकी है। इनमें जमशेदपुर और तेलंगाना की परियोजनाएं शामिल हैं।
इससे पता चलता है कि ऐसे छोटे और आसानी से पहुंचने वाले आपातकालीन वाहनों की मांग बढ़ रही है।
विंटेज बाइक और स्कूटर की भी होती है मरम्मत
इंदर ऑटो इंडस्ट्रीज का काम केवल नए वाहन तैयार करने तक सीमित नहीं है। कंपनी विंटेज मोटरसाइकिल और स्कूटर की बहाली यानी रेस्टोरेशन का काम भी करती है।
देशभर से पुराने और क्लासिक दोपहिया वाहनों के शौकीन लोग इन्हें दोबारा मूल या बेहतर स्थिति में लाने के लिए कंपनी से संपर्क करते हैं।
नंगल से दुनिया तक पहुंचा इनोवेशन
नंगल जैसे छोटे औद्योगिक शहर से शुरू हुई इस कंपनी ने यह दिखाया है कि स्थानीय स्तर पर विकसित तकनीक को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
जहां एक तरफ साइडकार विदेशी बाजारों में एडवेंचर और टूरिंग के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी तकनीक को भारतीय परिस्थितियों के अनुसार ढालकर बाइक एंबुलेंस जैसे उपयोगी समाधान तैयार किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, नंगल की इंदर ऑटो इंडस्ट्रीज ने पारंपरिक मोटरसाइकिल साइडकार से आगे बढ़कर दिव्यांगों की मोबिलिटी, मोबाइल क्लासरूम और आपातकालीन सेवाओं के लिए बाइक एंबुलेंस जैसे इनोवेटिव समाधान विकसित किए हैं। कंपनी के उत्पाद अब भारत के साथ-साथ कई विदेशी देशों तक पहुंच रहे हैं।
