अमृतसर 21 अप्रैल 2026 : पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में बदलाव कर इसे और सख्त बना दिया गया है। यह बिल जो 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में पास हुआ था, राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब कानून बन गया है।
इस संबंध में पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह कानून बेअदबी की लंबे समय से चली आ रही घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि 2015 के बाद बेअदबी के करीब 600 मामले सामने आए हैं, जिनमें गुरु की बेअदबी अपमानजनक तरीके से और डिजिटल तरीकों से भी की गई।
नए कानून के मुताबिक आरोपियों के लिए उम्रकैद की सजा तय की गई है, यानी आरोपी अपनी जिंदगी के आखिर तक जेल में रहेगा। इसके साथ ही अगर कोई व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से बीमार या डिप्रेशन का शिकार बताकर बचने की कोशिश करता है, तो वह रास्ता भी अब बंद कर दिया गया है। नाबालिगों द्वारा की गई बेअदबी के मामलों में उनके माता-पिता या गार्जियन को जिम्मेदार माना जाएगा। इस कानून को लेकर सिख समुदाय में खुशी की लहर ।
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि धार्मिक मामलों को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए और सभी पार्टियों को एकजुट होकर गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और दूसरे राज्यों से भी अपील की कि वे पूरे देश में ऐसे सख्त कानून लागू करें ताकि किसी भी धर्म की पवित्र किताब की बेअदबी न हो सके।
