15 जून 2026 : Barnala के एक किसान ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर दुर्लभ किस्म के मशरूम की खेती अपनाई और इसे लाभदायक व्यवसाय में बदल दिया। किसान अब इस विशेष फसल से सालाना लगभग 8 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहा है।
किसान ने सीमित संसाधनों के साथ प्रयोग के तौर पर मशरूम उत्पादन शुरू किया था। समय के साथ उसने आधुनिक तकनीकों, नियंत्रित वातावरण और बेहतर प्रबंधन का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाया। आज उसकी खेती आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मशरूम जैसी उच्च मूल्य वाली फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इनकी बाजार में मांग अच्छी रहती है और अपेक्षाकृत कम भूमि में भी उत्पादन संभव है।
किसान के अनुसार, शुरुआत में जानकारी और प्रशिक्षण की कमी चुनौती थी, लेकिन निरंतर सीखने और नई तकनीकों को अपनाने से उत्पादन और मुनाफे दोनों में वृद्धि हुई। अब वह अन्य किसानों को भी इस क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित कर रहा है।
Punjab में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच यह सफलता की कहानी दिखाती है कि पारंपरिक फसलों के अलावा विशेष और उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती भी किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती है।
