15 जून 2026 : Dilip Prabhavalkar एक पुरस्कार समारोह के दौरान दिवंगत Atul Parchure को याद करते हुए भावुक हो गए। पुरस्कार स्वीकार करते समय उन्होंने कहा, “हम मंच पर माता-पिता की भूमिका निभाने वाले लोग आज पुरस्कार ले रहे हैं, लेकिन हमारा नाटक वाला बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।”
उनकी इस भावुक टिप्पणी ने समारोह में मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। दिलीप प्रभावलकर और अतुल परचुरे ने वर्षों तक रंगमंच, टेलीविजन और फिल्मों में साथ काम किया था। दोनों के बीच गहरा आत्मीय संबंध था, जिसकी झलक उनके संबोधन में साफ दिखाई दी।
Atul Parchure का निधन मराठी रंगमंच और फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति माना गया था। अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय के कारण उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी।
समारोह में उपस्थित कलाकारों और दर्शकों ने भी अतुल परचुरे को श्रद्धांजलि दी। दिलीप प्रभावलकर के शब्दों ने सभी को उनके साथ बिताए गए सुनहरे पलों की याद दिला दी।
यह क्षण केवल एक पुरस्कार समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मराठी रंगमंच और सिनेमा जगत में कलाकारों के बीच बने गहरे रिश्तों और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
