17 अप्रैल 2026 : पंजाब सरकार ने गेहूं खरीद से जुड़े नियमों में राहत देने के लिए केंद्र सरकार से अधिक सहायता और लचीलापन मांगा है। राज्य का कहना है कि हालिया मौसम की मार के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत आ रही है।
राज्य सरकार के अनुसार गेहूं के दानों के सिकुड़ने और नमी की मात्रा बढ़ने के चलते कई जगहों पर फसल निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतर रही है। ऐसे में यदि खरीद नियमों में ढील नहीं दी गई, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पंजाब ने केंद्र से आग्रह किया है कि वह गुणवत्ता मानकों में अस्थायी राहत दे, ताकि प्रभावित किसानों की उपज भी सरकारी खरीद में शामिल हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियमित मौसम के कारण फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है, जिससे पारंपरिक खरीद मानकों को समय-समय पर समायोजित करने की जरूरत होती है।
किसान संगठनों ने भी राज्य सरकार की इस मांग का समर्थन किया है और कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में राहत बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस मांग पर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन इस मुद्दे पर विचार किया जा रहा है।
यह मामला केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी मौसम की मार के कारण इसी तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं।
कुल मिलाकर गेहूं खरीद नियमों में राहत की मांग ने कृषि नीति और किसानों की आय से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
