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पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की ड्राफ्ट मतदाता सूची आज होगी जारी

13 अगस्त, 2026 : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आज, 13 अगस्त 2026 को जारी की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान पंजाब की मतदाता संख्या में करीब 20.66 लाख की कमी दर्ज की गई है।

पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और उससे पहले चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। SIR अभियान के तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों और 23 जिलों में घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाई गई। इस अभियान का उद्देश्य योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना तथा मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, डुप्लीकेट और लंबे समय से अनुपलब्ध मतदाताओं की पहचान करना है।

आंकड़ों के अनुसार, 9 जून 2026 तक पंजाब में करीब 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे। इनमें से लगभग 1.94 करोड़ मतदाताओं ने SIR के दौरान अपने enumeration forms जमा किए। करीब 20.66 लाख मतदाताओं ने फॉर्म जमा नहीं किए।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, फॉर्म जमा नहीं करने वाले मतदाताओं में लगभग 9.44 लाख लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित, 5.74 लाख मृत, 4.12 लाख ऐसे पाए गए जिनका पता नहीं चल सका या वे अनुपस्थित थे, जबकि करीब 1.19 लाख प्रविष्टियां डुप्लीकेट पाई गईं। इन आंकड़ों के आधार पर ड्राफ्ट मतदाता सूची में बदलाव किए जा रहे हैं।

हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटना अंतिम फैसला नहीं है। ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद मतदाताओं को अपने नाम और अन्य विवरण जांचने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों को लगता है कि उनका नाम गलत तरीके से हटाया गया है या उनके विवरण में कोई गलती है, वे निर्धारित अवधि के दौरान दावा और आपत्ति दाखिल कर सकेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची 13 अगस्त को प्रकाशित होगी, जबकि दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 12 सितंबर तक रहेगी। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 8 अक्टूबर तक किया जाना है। इसके बाद पंजाब की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने की योजना है।

SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को पुराने चुनावी रिकॉर्ड से भी मिलान किया गया। अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट रोल में शामिल करीब 93.40 प्रतिशत मतदाताओं का 2003 या उससे पहले के उपलब्ध रिकॉर्ड से सफलतापूर्वक मिलान किया गया। वहीं लगभग 12.80 लाख ऐसे मतदाता हैं जिन्होंने फॉर्म जमा किया, लेकिन उनके रिकॉर्ड का पुराने दस्तावेजों से मिलान नहीं हो पाया। ऐसे मतदाताओं को आगे सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए जाने हैं।

चुनाव आयोग की इस पूरी प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने मतदाताओं के घर जाकर जानकारी जुटाई और कई मामलों में मतदाताओं से संपर्क करने के लिए दोबारा और तीसरी बार भी प्रयास किए। पंजाब में चुनावी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़ाकर 25,332 की गई है। इसका उद्देश्य मतदाताओं की सुविधा बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक न हो।

2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम मतदाताओं की भी इस सूची पर नजर रहेगी। मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण समय रहते जांच लें।

यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में नहीं है या जानकारी गलत है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उद्देश्य अंतिम मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है।

इसलिए आज जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची को 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अंतिम सूची अक्टूबर में जारी होने के बाद चुनावी प्रक्रिया के लिए मतदाता आधार और अधिक स्पष्ट हो जाएगा।

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