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लुधियाना की PAU स्कॉलर ने ऑक्सफोर्ड में पेश किया रिसर्च पेपर, डिजिटल तकनीक और फूड मैन्युफैक्चरिंग पर अध्ययन

8 सितंबर 2026: पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना की PhD स्कॉलर आस्था सूद ने यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित University of Oxford में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय रिसर्च वर्कशॉप में अपना शोध प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। उन्होंने ऑक्सफोर्ड के Brasenose College में आयोजित Research and Mentoring Workshop in Honour of Uma Lele में हिस्सा लिया और भारत के फूड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े अपने शोध को अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के सामने प्रस्तुत किया।

डिजिटल तकनीक और उत्पादकता पर शोध

आस्था सूद PAU के Department of Economics and Sociology में PhD कर रही हैं। उन्होंने वर्कशॉप में अपना शोध पत्र ‘Digital Capital and Productivity in India’s Food Manufacturing Sector: Evidence of Scale-Dependent Effects’ प्रस्तुत किया।

इस अध्ययन में भारत के फूड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में डिजिटल कैपिटल की भूमिका और उसके उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया है। शोध में यह समझने का प्रयास किया गया है कि तकनीक से जुड़ी क्षमताओं और संसाधनों का इस्तेमाल अलग-अलग आकार की औद्योगिक इकाइयों की उत्पादकता को किस तरह प्रभावित करता है।

ऑक्सफोर्ड में अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के बीच प्रस्तुति

यह रिसर्च वर्कशॉप दुनिया के अलग-अलग संस्थानों से आए शोधकर्ताओं और अकादमिक विशेषज्ञों को एक मंच पर लेकर आई। यहां प्रतिभागियों को अपने शोध पर चर्चा करने, दूसरे शोधकर्ताओं से विचार साझा करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

आस्था सूद की प्रस्तुति भी इसी अकादमिक आदान-प्रदान का हिस्सा रही। ऑक्सफोर्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर PAU की ओर से शोध प्रस्तुत किया जाना विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

PhD रिसर्च का हिस्सा है यह अध्ययन

आस्था सूद का ऑक्सफोर्ड में प्रस्तुत किया गया शोध उनके PhD प्रोजेक्ट का हिस्सा है। उनका डॉक्टोरल रिसर्च “Economic Impact of Digitalisation on Agricultural Transformation in Punjab and Haryana” विषय पर केंद्रित है।

इस व्यापक शोध के माध्यम से पंजाब और हरियाणा में कृषि परिवर्तन पर डिजिटल तकनीक के आर्थिक प्रभाव को समझने का प्रयास किया जा रहा है। ऑक्सफोर्ड में प्रस्तुत किया गया अध्ययन इसी व्यापक शोध कार्य से जुड़ा हुआ है।

डिजिटलाइजेशन से कृषि क्षेत्र में बदलाव की संभावनाएं

कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। डेटा, डिजिटल संसाधन और तकनीकी क्षमताएं उत्पादन, प्रबंधन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

आस्था सूद का शोध इसी व्यापक बदलाव को आर्थिक नजरिए से समझने की दिशा में काम करता है। खास तौर पर यह अध्ययन इस बात पर ध्यान देता है कि डिजिटल कैपिटल से उत्पादकता में होने वाले लाभ अलग-अलग आकार के उद्यमों में समान होते हैं या उनमें अंतर दिखाई देता है।

शोध की तैयारी में मिला सहयोग

ऑक्सफोर्ड में प्रस्तुति के लिए आस्था सूद की तैयारी में PAU से जुड़े कई लोगों ने सहयोग किया। कमल वट्टा ने प्रैक्टिस सेशन के जरिए उनकी प्रस्तुति की तैयारी में मदद की। वहीं Sendhil R और Laishram Priscilla ने शोध के विकास और उसकी प्रस्तुति को बेहतर तरीके से तैयार करने में अपने सुझाव दिए।

PAU अधिकारियों ने दी बधाई

आस्था सूद की इस उपलब्धि पर पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी। विश्वविद्यालय के Vice Chancellor Rishi Pal Singh, College of Basic Sciences and Humanities की Dean Kiran Bains, Director of Research AS Dhatt और Department Head Jitender Mohan Singh ने उनकी उपलब्धि की सराहना की।

विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध प्रस्तुत करना PAU के लिए गौरव की बात है और इससे विश्वविद्यालय की वैश्विक अकादमिक पहचान को मजबूती मिलती है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर PAU की बढ़ती पहचान

PAU लंबे समय से कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और इससे जुड़े क्षेत्रों में शोध और शिक्षा के लिए जाना जाता है। ऐसे में विश्वविद्यालय के शोधार्थियों का अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अपने अध्ययन प्रस्तुत करना वैश्विक अकादमिक सहयोग और शोध नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

ऑक्सफोर्ड में आस्था सूद की प्रस्तुति ने डिजिटलाइजेशन, कृषि परिवर्तन और खाद्य क्षेत्र की उत्पादकता जैसे विषयों को अंतरराष्ट्रीय शोध मंच पर रखने का अवसर दिया है।

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