8 सितंबर 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा और कौशल देना है, जिससे वे वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।
मुख्यमंत्री ने यह बात सोमवार को हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों समेत कई महत्वपूर्ण खरीद और सेवा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
विद्यार्थियों के लिए 5 लाख टैबलेट और डेटा SIM
सरकार ने कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 5 लाख टैबलेट उपलब्ध कराने की योजना को आगे बढ़ाया है। इन टैबलेट के लिए डेटा SIM की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।
सरकार का मानना है कि डिजिटल संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई और तकनीकी ज्ञान तक बेहतर पहुंच मिल सकती है। इससे शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान समय की जरूरत के अनुसार शिक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से जोड़ना भी जरूरी है, ताकि वे बदलती रोजगार और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
राज्य सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतिगत पहल भी की जा रही हैं। हरियाणा स्टेट टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी के माध्यम से इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, फार्मेसी और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की व्यवस्था की जाती है।
शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी जोर
सरकार की शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को रोजगार से जुड़े कौशल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी समझ और व्यावहारिक क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस तरह की शिक्षा से युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में करियर के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
बैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी
हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में शिक्षा के अलावा कई अन्य विभागों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के लिए 220 वोल्ट ट्यूब्युलर टाइप लेड-एसिड बैटरियों की खरीद को मंजूरी दी गई। इसमें 100 Ah, 200 Ah और 120 Ah क्षमता समेत पांच प्रकार की बैटरियां शामिल हैं।
इसके अलावा HAFED द्वारा संचालित असंध शुगर मिल को एक साल तक चलाने के लिए करीब 11.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसमें वार्षिक ओवरहॉलिंग, मरम्मत, रखरखाव और अन्य सामग्री से जुड़े खर्च शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 59 एंबुलेंस को मंजूरी
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 59 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इनमें दक्षिण क्षेत्र के लिए 33 और उत्तर क्षेत्र के लिए 26 एंबुलेंस शामिल हैं।
इन एंबुलेंस का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। बैठक में कुल मिलाकर 90 करोड़ रुपये से अधिक के सेवा कार्यों को भी मंजूरी दी गई।
तकनीकी शिक्षा से युवाओं को मिलेगा फायदा
हरियाणा सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा पर बढ़ता जोर युवाओं को आधुनिक तकनीक और कौशल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तकनीकी संस्थानों में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम और व्यावहारिक प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
सरकार का फोकस शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर है।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की तैयारी
5 लाख टैबलेट और डेटा SIM की मंजूरी से राज्य में डिजिटल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डिजिटल उपकरणों के जरिए विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक संसाधनों और तकनीकी जानकारी तक पहुंच बना सकेंगे।
