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दिल्ली के Satya Niketan हादसे ने PG व्यवस्था पर उठाए सवाल, DU के पूर्व छात्र ने सुनाई खौफनाक कहानी

9 सितंबर 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास Satya Niketan में पांच मंजिला PG इमारत गिरने की घटना ने राजधानी में छात्रों के लिए उपलब्ध Paying Guest (PG) आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद सामने आए दिल्ली विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र के अनुभव ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

सोशल मीडिया पर हादसे की खबर देखकर लगा पुराना PG सामने है

पूर्व DU छात्र Simran ने बताया कि उसे Satya Niketan में इमारत गिरने की घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर मिली। जब उसने हादसे की तस्वीरें और वीडियो देखे तो कुछ समय के लिए उसे यकीन ही नहीं हुआ कि वह उसी इलाके की घटना देख रहा है, जहां वह कभी रह चुका था।

उसके अनुसार, जिस PG में वह पहले रहता था, वह हादसे वाली इमारत से महज दो इमारत दूर था। इस वजह से घटना ने उसके पुराने अनुभवों और उस इलाके में बिताए समय की यादें ताजा कर दीं।

पूर्व PG मालिक के परिवार से जुड़ा था हादसे वाली इमारत का मालिक

पूर्व छात्र के मुताबिक, हादसे में गिरी इमारत के मालिक Hariram Bansal का संबंध उसके पूर्व PG मालिक Anand Bansal के परिवार से था। उसने बताया कि वह इस परिवार और उनके कारोबार से करीब एक दशक से परिचित था।

उसके अनुसार, जिस PG में वह रहा था, वहां करीब 40 छात्र रहते थे। छात्रों से लगभग ₹10,000 प्रति माह किराया लिया जाता था। इस हिसाब से उस संपत्ति से करीब ₹4 लाख मासिक किराया आने का दावा किया गया है।

कई PG और इमारतों को लेकर उठे सवाल

पूर्व छात्र ने दावा किया कि संबंधित परिवार इलाके में कई PG चलाता था। उसने यह सवाल भी उठाया कि जब PG कारोबार से अच्छी आमदनी होती है तो इमारतों की सुरक्षा और मजबूती पर पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं दिया जाता।

उसने आरोप लगाया कि इमारतों में मंजिल-दर-मंजिल विस्तार किया गया, जबकि उनका उचित तरीके से संरचनात्मक मजबूतीकरण या नवीनीकरण किया जाना जरूरी था। हालांकि, ये दावे पूर्व छात्र के व्यक्तिगत अनुभव और आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

छात्रों की मजबूरी बनी PG पर निर्भरता

Satya Niketan दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के आसपास छात्रों के लिए प्रमुख आवासीय इलाकों में से एक है। लेकिन विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या और उपलब्ध हॉस्टल सीटों के बीच बड़ा अंतर है। इसके कारण दिल्ली से बाहर से आने वाले हजारों छात्र निजी PG और किराए के कमरों पर निर्भर रहते हैं।

ऐसे में छात्रों के पास सुरक्षित और किफायती आवास के सीमित विकल्प रह जाते हैं। कई बार कॉलेज या विश्वविद्यालय के पास रहने की मजबूरी के कारण छात्र PG की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जांच किए बिना ही कमरा लेने को मजबूर हो जाते हैं।

किराए और बिजली भुगतान को लेकर भी दावा

पूर्व छात्र ने यह भी दावा किया कि उसके पुराने PG में किराया और बिजली के भुगतान नकद में लिए जाते थे। इस तरह के भुगतान को लेकर उसने PG सेक्टर में पारदर्शिता और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था पर सवाल उठाए।

उसका कहना था कि PG में रहने वाले छात्र संचालकों पर भरोसा करके वहां रहते हैं और उनके लिए भवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

जवाबदेही सिर्फ PG मालिकों तक सीमित नहीं

पूर्व छात्र ने कहा कि किसी हादसे के बाद केवल संपत्ति मालिकों की जिम्मेदारी तय करना पर्याप्त नहीं होना चाहिए। स्थानीय अधिकारियों और उन सभी संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, जिन्होंने कथित तौर पर असुरक्षित इमारतों को संचालन की अनुमति दी हो।

उसने इस बात पर जोर दिया कि भवनों का निरीक्षण किसी हादसे के बाद शुरू होने के बजाय नियमित रूप से किया जाना चाहिए।

हादसे के बाद सरकार ने उठाए कदम

Satya Niketan हादसे के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार ने PG इलाकों में सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण पर जोर दिया है। आसपास की असुरक्षित इमारतों को लेकर भी कार्रवाई शुरू की गई है।

वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से भी हॉस्टल निर्माण में तेजी लाने की जरूरत पर जोर दिया गया है, ताकि छात्रों को निजी PG पर अत्यधिक निर्भर न रहना पड़े।

छात्रों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता

Satya Niketan की घटना ने यह सवाल सामने ला दिया है कि शिक्षा के लिए दिल्ली आने वाले छात्रों को रहने के लिए कितने सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं। ऊंचे किराए, सीमित हॉस्टल सीटों और निजी PG पर निर्भरता के बीच भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

पूर्व छात्र के अनुभव ने इसी चिंता को सामने रखा है कि छात्रों को केवल कमरे और सुविधाओं के आधार पर PG चुनने के बजाय भवन की सुरक्षा और वैधता की जानकारी भी मिलनी चाहिए।

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