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दिल्ली में मारे गए मणिपुरी संगीतकार की पत्नी बोलीं- अब भी इस नुकसान को स्वीकार नहीं कर पा रही

9 सितंबर 2026: दिल्ली में कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद जान गंवाने वाले मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के परिवार ने इंसाफ और निष्पक्ष जांच की मांग की है। 55 वर्षीय सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी जोशना चोंगथम ने कहा कि परिवार अभी भी इस नुकसान को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पति परिवार के लिए सिर्फ एक संगीतकार नहीं, बल्कि पिता, पति, बेटे और भाई भी थे।

जोशना ने बताया कि उनके पति शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और उन्होंने कभी किसी से विवाद नहीं किया। उनके अनुसार, 6 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे विक्रम अपने घर से नीचे गए थे। कुछ देर बाद वह आठ लोगों द्वारा पीछा किए जाने के बाद वापस घर की ओर भागते हुए आए और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई।

‘अब भी इस नुकसान को स्वीकार करना मुश्किल’

विक्रम सिंह की पत्नी जोशना ने कहा कि अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि वह अभी भी अपने पति की मौत को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि विक्रम उनके बच्चे के पिता होने के साथ-साथ परिवार के बेहद प्रिय सदस्य थे। परिवार ने कहा कि वह बदला नहीं चाहता, बल्कि मामले में न्याय और जवाबदेही चाहता है।

जोशना ने अपील की कि ऐसी घटना किसी दूसरे परिवार के साथ न हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

शोर और कथित हंगामे को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के अनुसार, विक्रम सिंह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी इलाके के किलोकरी गांव में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह लंबे समय से इस इलाके में रह रहे थे।

बताया गया है कि उनके घर के बाहर कुछ लोगों के शोर और कथित तौर पर शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद सिंह को कथित रूप से कुछ लोगों ने पीछा कर घेर लिया और उनके साथ मारपीट की।

परिवार के मुताबिक, घटना के बाद सिंह को सांस लेने में परेशानी हुई। उनके 20 वर्षीय बेटे याइफाबा, जो कानून के छात्र हैं, उन्हें अस्पताल लेकर गए। बाद में होली फैमिली अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने कई आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।

घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, फुटेज में सिंह को इमारत की सीढ़ियों की ओर जाते और आरोपियों को वहां से निकलते हुए देखा गया है। मामले की जांच जारी है।

संगीत की दुनिया में खास पहचान थी विक्रम सिंह की

विक्रम सिंह की पहचान केवल दिल्ली में रहने वाले संगीत शिक्षक के रूप में नहीं थी, बल्कि वह मणिपुर के शुरुआती रॉक संगीत आंदोलन के महत्वपूर्ण कलाकारों में गिने जाते थे।

वह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर के प्रसिद्ध रॉक बैंड Phoenix के लीड गिटारिस्ट रहे थे। इससे पहले उन्होंने Ultra Vires के साथ संगीत करियर शुरू किया था और बाद में Eastern Dark से भी जुड़े।

करीब 2004 में दिल्ली आने के बाद उन्होंने संगीतकार और शिक्षक के तौर पर काम जारी रखा। वह संगीत की कक्षाएं और वर्कशॉप भी आयोजित करते थे। उनके संगीत में हिंदुस्तानी संगीत, रॉक एंड रोल और जैज जैसी अलग-अलग शैलियों का प्रभाव था।

परिवार में भी संगीत की मजबूत विरासत

विक्रम सिंह का परिवार भी संगीत से जुड़ा रहा है। उनकी मां चोंगथम कमला मणिपुर की जानी-मानी शास्त्रीय गायिका थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, वह ऑल इंडिया रेडियो से भी जुड़ी रही थीं।

विक्रम के करीबी लोगों ने उन्हें ऐसा कलाकार बताया, जिसने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संगीत और कला को समर्पित किया। उनके निधन को मणिपुर के संगीत जगत के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है।

परिवार ने कहा- बदला नहीं, न्याय चाहिए

मणिपुरी संगीतकार के परिवार ने साफ कहा है कि उनकी मांग बदले की नहीं, बल्कि न्याय की है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।

मामले को लेकर मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने भी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर CBI जांच पर विचार करने की बात भी कही है।

नस्लीय हिंसा के आरोप भी उठे

घटना के बाद नॉर्थईस्ट समुदाय से जुड़े कुछ संगठनों ने इसे नस्लीय हिंसा से जोड़कर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, यह एक आरोप है और पुलिस की जांच में घटना के वास्तविक कारणों और सभी परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाना बाकी है।

दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर भी इस घटना के बाद चिंता जताई गई है। समुदाय के सदस्यों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अंतिम संस्कार के लिए मणिपुर ले जाया जाएगा शव

परिवार के अनुसार, विक्रम सिंह का शव AIIMS की मोर्चरी में रखा गया था और अंतिम संस्कार के लिए उसे मणिपुर ले जाने की तैयारी की गई। इस बीच परिवार और समुदाय के लोगों ने उनकी याद में कैंडल मार्च भी निकाला और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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