8 सितंबर 2026: हरियाणा में बढ़ते वित्तीय और साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक की मदद लेने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में वित्तीय सुरक्षा मजबूत करने, निवेशकों को धोखाधड़ी से बचाने और नए तरह के साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए सरकारी एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में चर्चा हुई है।
RBI की बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी पर चर्चा
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से आयोजित State-Level Coordination Committee (SLCC) की 16वीं बैठक हुई। बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी, निवेशक सुरक्षा, साइबर खतरों और वित्तीय क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए तकनीक आधारित उपायों की समीक्षा की गई।
बैठक में पिछली SLCC बैठक में लिए गए फैसलों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा अनधिकृत तरीके से जमा राशि जुटाने, SACHET Portal पर मिली शिकायतों और बाजार से मिलने वाली खुफिया सूचनाओं पर भी चर्चा हुई।
SACHET Portal को बनाया गया ज्यादा आधुनिक
RBI के क्षेत्रीय निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने बैठक में SACHET Portal के नए संस्करण की जानकारी दी। इस पोर्टल को 25 जून 2026 को नए इंटरफेस और बेहतर वर्कफ्लो के साथ लॉन्च किया गया था।
नया SACHET Portal अब 13 राष्ट्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें दिव्यांग लोगों के लिए बेहतर accessibility features भी जोड़े गए हैं। शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक tutorial video भी उपलब्ध कराया गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों के बीच इस पोर्टल के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि लोग अनियमित वित्तीय गतिविधियों और धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकें।
Online Gaming के जरिए भी हो रहा Cyber Fraud
बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी के नए तरीकों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि online gaming से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामले भी सामने आ रहे हैं।
कुछ मामलों में ठग युवाओं को फर्जी in-game rewards का लालच देते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में बच्चों या युवाओं से जुड़े payment accounts के जरिए अभिभावकों के बैंक खातों से अनधिकृत लेनदेन किए जाने की बात सामने आई।
इससे साफ है कि वित्तीय धोखाधड़ी के तरीके लगातार बदल रहे हैं और साइबर अपराधों से निपटने के लिए जागरूकता के साथ-साथ बेहतर तकनीकी निगरानी की जरूरत है।
MuleHunter.ai से पकड़े जाएंगे संदिग्ध बैंक खाते
वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए बैठक में MuleHunter.ai का भी उल्लेख किया गया। यह RBI Innovation Hub (RBIH) द्वारा विकसित Artificial Intelligence और Machine Learning आधारित सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल mule accounts यानी ऐसे बैंक खातों की पहचान के लिए किया जाता है, जिनका उपयोग धोखाधड़ी की रकम को प्राप्त करने या आगे भेजने में किया जा सकता है।
RBI के अनुसार, यह सिस्टम देश के 31 प्रमुख बैंकों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इससे संदिग्ध खातों की पहचान और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
36 लाख से ज्यादा निवेशकों को PACL मामले में रिफंड
बैठक में PACL Limited मामले में निवेशकों को लौटाई गई राशि की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 36 लाख से अधिक निवेशकों को कुल ₹3,864 करोड़ वापस किए जा चुके हैं।
यह आंकड़ा निवेशकों के हितों की सुरक्षा और लंबे समय से चल रहे वित्तीय मामलों में राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया के महत्व को दिखाता है।
वित्तीय जागरूकता बढ़ाने पर जोर
वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए केवल तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय आम लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
RBI की ओर से बताया गया कि हरियाणा में वित्तीय सेवाओं, सुरक्षित बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव को लेकर 25,000 से अधिक financial literacy programmes आयोजित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा RBI ने “RBI Talks: Paisa to Policy” नाम से podcast series भी शुरू की है। इसका उद्देश्य जटिल वित्तीय विषयों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना और वित्तीय जानकारी को ज्यादा सुलभ बनाना है।
साइबर फ्रॉड के खिलाफ समन्वित कार्रवाई जरूरी
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि वित्तीय धोखाधड़ी का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में सरकारी विभागों, बैंकों, नियामक संस्थाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर information-sharing और coordination जरूरी है।
AI और machine learning जैसी तकनीकों से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तेजी से की जा सकती है, जबकि SACHET Portal जैसे प्लेटफॉर्म लोगों को शिकायत दर्ज कराने का माध्यम उपलब्ध कराते हैं।
