21 अगस्त 2026 : हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने और उद्योगों को स्वच्छ तकनीक अपनाने के लिए MSMEs को नए, पर्यावरण-अनुकूल डीजल जनरेटर और क्लीनर-फ्यूल बॉयलर खरीदने पर 50% तक की वित्तीय सहायता देने की योजना अधिसूचित की है। जनरेटर और नए क्लीनर-फ्यूल बॉयलर के लिए अधिकतम सहायता ₹20 लाख तक होगी।
नए जनरेटर पर 50% तक सब्सिडी
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने Diesel Generator Set Subsidy Scheme को अधिसूचित किया है। इसके तहत MSMEs को नए ऐसे DG सेट खरीदने पर लागत का 50% या अधिकतम ₹20 लाख, जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जाएगी। जनरेटर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा।
पहले चरण में गुरुग्राम और फरीदाबाद में 1,400 नए जनरेटर सेट लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
पुराने DG सेट को भी बनाया जा सकेगा प्रदूषण मुक्त
सरकार ने मौजूदा डीजल जनरेटर सेट को अपग्रेड करने के लिए भी सहायता का प्रावधान किया है। MSMEs को Retrofit Emission Control Devices (RECD) लगाने की लागत का 50% तक, अधिकतम ₹5 लाख की प्रतिपूर्ति मिलेगी।
सरकार के अनुसार, पुराने DG सेट से होने वाला उत्सर्जन निर्धारित मानकों से काफी अधिक हो सकता है और शहरी वायु प्रदूषण में इनका महत्वपूर्ण योगदान है।
क्लीनर फ्यूल वाले बॉयलर पर भी ₹20 लाख तक मदद
सरकार ने Assistance for Purchase and Conversion of Boilers to Cleaner Fuels योजना भी अधिसूचित की है। इसके तहत राज्य के MSMEs द्वारा PNG, CNG या अन्य गैसीय ईंधन पर चलने वाले नए बॉयलर खरीदने पर लागत का 50% तक, अधिकतम ₹20 लाख की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस योजना के तहत शुरुआती चरण में 1,000 नए क्लीनर-फ्यूल बॉयलर को सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।
पुराने बॉयलर को PNG/CNG में बदलने पर ₹10 लाख तक सहायता
मौजूदा बॉयलरों को PNG या CNG जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलाने के लिए कन्वर्जन करने वाले MSMEs को भी सरकार सहायता देगी। इसके तहत कन्वर्जन लागत का 50% तक, अधिकतम ₹10 लाख प्रति यूनिट की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट का हिस्सा
ये प्रोत्साहन Haryana Clean Air Project for Sustainable Development (HCAPSD) 2025-31 का हिस्सा हैं। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को स्वच्छ ईंधन और कम प्रदूषण वाली तकनीकों की ओर स्थानांतरित करना है।
पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। बाद के चरणों में योजना का विस्तार हरियाणा के अन्य क्षेत्रों तक किया जाएगा।
प्रदूषण कम करने पर सरकार का जोर
हरियाणा सरकार की यह पहल विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। MSMEs को आर्थिक सहायता देकर सरकार पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों की जगह स्वच्छ तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।
कुल मिलाकर, नई योजनाओं के तहत हरियाणा के MSMEs को स्वच्छ जनरेटर और क्लीनर-फ्यूल बॉयलर अपनाने के लिए ₹20 लाख तक की सहायता मिलेगी। इससे उद्योगों की लागत का बोझ कम होने के साथ-साथ राज्य में वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
