11 अगस्त, 2026 : फर्जी LLB डिग्री के आधार पर वकालत करने के आरोप में प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मामले में 39 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जबकि कुल 105 अधिवक्ताओं के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि कुछ लोगों ने कानून की फर्जी डिग्री या संदिग्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। मामले की जांच के दौरान संबंधित शैक्षणिक रिकॉर्ड और डिग्रियों का सत्यापन किया जा रहा है।
39 के खिलाफ FIR
फर्जी डिग्री के आरोपों की जांच के बाद 39 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले में दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रही हैं।
105 अधिवक्ताओं पर जांच की तलवार
मामले में कुल 105 अधिवक्ताओं के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन लोगों की डिग्री या दस्तावेज संदिग्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
दस्तावेजों का हो रहा सत्यापन
जांच एजेंसियां संबंधित विश्वविद्यालयों और संस्थानों से डिग्री की पुष्टि कर रही हैं। इसके साथ ही अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
कानून की डिग्री को लेकर गंभीर सवाल
मामले ने कानूनी पेशे में शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने लोगों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
