29 सितंबर 2026 उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने छह उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने वाराणसी, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, आगरा और गोरखपुर-फैजाबाद सहित छह सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम तय किए हैं। इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।
इन छह सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार
बीजेपी की ओर से जारी सूची के अनुसार, वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया गया है।
वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है।
पहले भी पांच सीटों पर नाम घोषित कर चुकी है बीजेपी
बीजेपी ने इससे पहले मई 2026 में उत्तर प्रदेश की पांच विधान परिषद सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए थे। उस समय पार्टी ने लखनऊ स्नातक से अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक से मानवेन्द्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक से हरि सिंह ढिल्लों, लखनऊ शिक्षक से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक से श्रीचंद शर्मा को उम्मीदवार बनाया था।
अब छह और सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी 11 सीटों के लिए बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों का चयन पूरा हो गया है।
11 विधान परिषद सीटों पर होना है चुनाव
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीटों पर चुनाव होना है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी की गई है। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र
विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग मतदाता व्यवस्था होती है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले स्नातक मतदाता मतदान करते हैं।
वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्रता वाले शिक्षक मतदाता वोट डालते हैं। इस कारण इन सीटों के चुनाव में शिक्षक संगठनों, कर्मचारी संगठनों और स्नातक मतदाताओं के बीच उम्मीदवारों की पकड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ध्रुव त्रिपाठी और हरि किशोर तिवारी के नाम भी चर्चा में
बीजेपी की नई सूची में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी का नाम प्रमुख है। वह इस सीट से मौजूदा निर्दलीय एमएलसी हैं और शिक्षक समुदाय के बीच उनका आधार रहा है।
आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी को उम्मीदवार बनाया गया है। वह कर्मचारी नेता के तौर पर भी जाने जाते हैं। बीजेपी ने इस चुनाव में पार्टी के पारंपरिक संगठन के अलावा अलग-अलग सामाजिक और पेशेवर समूहों से जुड़े चेहरों को भी जगह दी है।
मेरठ और वाराणसी की सीटों पर भी उम्मीदवार तय
मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल को उम्मीदवार बनाया गया है। वह मौजूदा बीजेपी एमएलसी हैं। वहीं वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह को टिकट मिला है, जो पहले भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा को मैदान में उतारा गया है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया गया है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो गई है। लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
प्रशासन की ओर से नामांकन स्थल के मुख्य द्वार, रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यातायात व्यवस्था को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को नतीजे
अब उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। सभी प्रत्याशियों के नामांकन के बाद 7 अक्टूबर को दस्तावेजों की जांच होगी। 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम उम्मीदवारों की तस्वीर स्पष्ट होगी।
इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
