17 अगस्त 2026 : दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके के पास सैदुल-अजैब गांव में 30 मई को हुई बिल्डिंग ढहने की घटना के मामले में बिल्डिंग मालिक और दो बिल्डरों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस हादसे में 6 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने यह चार्जशीट 13 अगस्त 2026 को साकेत कोर्ट में दाखिल की। मामले में तीन आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें बिल्डिंग मालिक करमवीर सिंह तथा बिल्डर मनीष खत्री और अविनाश गुप्ता शामिल हैं। तीनों आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें गैर-इरादतन हत्या, भवन को गिराने, उसकी मरम्मत या निर्माण के दौरान लापरवाही, लापरवाही से लोगों की जान को खतरे में डालना और गंभीर चोट पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं। साथ ही तीनों पर साझा मंशा से अपराध करने का आरोप भी लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह इमारत सैदुल-अजैब की गली नंबर 5 में स्थित थी। इसमें कई कार्यालय और एक कैफे संचालित हो रहे थे। इमारत के पास एक महिला की रसोई भी चल रही थी। हादसे के समय वहां लोग खाना खा रहे थे और रसोई में कर्मचारी मौजूद थे। अचानक इमारत का एक हिस्सा रसोई पर गिर गया, जिससे कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
घटना की सूचना पुलिस को शाम करीब 7:35 बजे मिली थी। गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने तुरंत अन्य अधिकारियों और आपातकालीन एजेंसियों को सूचना दी। करीब 7:38 बजे पहली पुलिस कॉल दर्ज की गई, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव दल ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन कुछ लोग मलबे में दबे रह गए और उनकी मौत हो गई।
जांच के दौरान इमारत के निर्माण और उसमें किए गए अतिरिक्त निर्माण को लेकर भी सवाल सामने आए। इससे पहले की जांच में सामने आया था कि इमारत में कथित तौर पर अनधिकृत अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया था। पुलिस ने निर्माण प्रक्रिया, आवश्यक मंजूरियों और आरोपियों की भूमिका की भी जांच की।
पुलिस के अनुसार, इमारत के पास निर्माण के लिए जरूरी स्वीकृत नक्शा और अन्य अनिवार्य दस्तावेज नहीं होने की बात भी जांच में सामने आई थी। पुलिस ने यह भी जांच की कि अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण से इमारत की संरचना पर अतिरिक्त भार पड़ा या नहीं और क्या इससे हादसे में योगदान हुआ।
इस मामले में दिल्ली सरकार द्वारा कराई गई मजिस्ट्रेट जांच में नगर निगम दिल्ली (MCD) की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। जांच रिपोर्ट में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और आधिकारिक रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट ने हादसे को रोके जाने योग्य बताया था।
अब दाखिल की गई चार्जशीट पर 22 अगस्त को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में सुनवाई होगी। अदालत चार्जशीट और मामले में लगाए गए आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी।
साकेत बिल्डिंग हादसे ने दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर व्यावसायिक इमारतों में अतिरिक्त निर्माण और भवन सुरक्षा नियमों के पालन की निगरानी को लेकर प्रशासन की भूमिका पर चर्चा तेज हुई है।
कुल मिलाकर, साकेत बिल्डिंग हादसे में छह लोगों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक और दो बिल्डरों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब अदालत में मामले की अगली सुनवाई होगी और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
