3 अक्टूबर 2026 पटियाला नगर निगम ने शहर की सड़कों की मैकेनिकल सफाई के लिए दिए गए करीब 11.76 करोड़ रुपये के तीन साल के ठेके को समाप्त कर दिया है। नगर निगम ने ठेका लेने वाली करनाल स्थित निजी कंपनी अकांक्षा एंटरप्राइजेज पर निर्धारित कवरेज लक्ष्य पूरा नहीं करने, संचालन संबंधी नियमों का पालन नहीं करने और जरूरी मानकों के मुताबिक मशीनें उपलब्ध नहीं कराने समेत कई कमियां बताई हैं।
11.76 करोड़ रुपये का था ठेका
नगर निगम की ओर से मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए जारी किया गया यह ठेका तीन साल की अवधि के लिए था। पंजाब सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर भी इस काम की अनुमानित लागत करीब ₹11.76 करोड़ दर्ज है और काम की अवधि 1,095 दिन यानी तीन साल रखी गई थी।
नगर निगम आयुक्त पूजा स्याल ग्रेवाल के अनुसार, कंपनी निर्धारित शर्तों और काम के लक्ष्यों को पूरा करने में सफल नहीं रही। इसके बाद निगम ने अनुबंध समाप्त करने का फैसला लिया।
910 किलोमीटर सड़क की सफाई का था लक्ष्य
नगर निगम की आंतरिक समीक्षा में GPS ट्रैकिंग के जरिए मशीनों की गतिविधियों की जांच की गई। समीक्षा के मुताबिक, कंपनी लक्षित 910 किलोमीटर सड़क की लंबाई के 20 प्रतिशत से भी कम हिस्से को कवर कर रही थी।
निगम के अनुसार, मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से निर्धारित क्षेत्र में नियमित और प्रभावी तरीके से सफाई करना जरूरी था। लेकिन GPS रिकॉर्ड में अपेक्षित स्तर की कवरेज नहीं मिली।
मशीनों की रफ्तार पर भी सवाल
नगर निगम की समीक्षा में मशीनों के संचालन की गति को लेकर भी कमी सामने आई। प्रभावी धूल संग्रह के लिए मशीनों को कम से कम 8 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाना निर्धारित था, लेकिन GPS रिकॉर्ड में मशीनों की गति इससे कम पाई गई।
नगर निगम ने इसे निर्धारित संचालन मानकों से जुड़ी कमी माना।
एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर भी नहीं लगाए
नगर निगम आयुक्त के अनुसार, मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों पर एंटी-स्मॉग गन या वाटर स्प्रिंकलर लगाना भी अनुबंध की शर्तों का हिस्सा था। इसके लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का पालन किया जाना था।
नगर निगम का कहना है कि कंपनी ने इन आवश्यक व्यवस्थाओं को उपलब्ध नहीं कराया। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ। इसके बाद निगम ने ठेका समाप्त कर दिया।
अंदरूनी सड़कों की सफाई अब मैनुअल तरीके से
ठेका समाप्त होने के बाद नगर निगम ने कहा है कि उसके पास अंदरूनी सड़कों की सफाई के लिए पर्याप्त सफाई कर्मचारी हैं। आयुक्त के मुताबिक, इन सड़कों पर मैनुअल स्वीपिंग व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है और कर्मचारी पारंपरिक झाड़ू के जरिए सफाई कर रहे हैं।
इससे फिलहाल शहर की अंदरूनी सड़कों की सफाई व्यवस्था को जारी रखने की योजना है।
550 सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की तैयारी
मेयर कुंदन गोगिया ने कहा कि नगर निगम सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कम से कम 550 सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की दिशा में काम करेगा। इसके अलावा 92 और कर्मचारियों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की बात भी कही गई है।
मेयर ने कहा कि निगम मैनुअल स्वीपिंग को बढ़ावा देकर बड़ी राशि बचाने की दिशा में काम करेगा।
तीन मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें निगम के पास
सीनियर डिप्टी मेयर हरिंदर कोहली के अनुसार, नगर निगम के पास फिलहाल तीन मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें हैं, जिन्हें बाहरी सड़कों की सफाई में लगाया गया है। जरूरत पड़ने पर इन मशीनों का इस्तेमाल अंदरूनी सड़कों की सफाई के लिए भी किया जा सकता है।
पीक प्रदूषण वाले महीनों में मैकेनिकल स्वीपिंग के साथ एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल करने की भी बात कही गई है, ताकि स्वच्छ हवा से जुड़े NGT निर्देशों का पालन किया जा सके।
सफाई व्यवस्था में बदलाव की तैयारी
पटियाला नगर निगम के इस फैसले के बाद शहर में सड़क सफाई की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। निगम अब मैनुअल सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ अपनी उपलब्ध मैकेनिकल मशीनों का इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रहा है।
नगर निगम का कहना है कि सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।पटियाला नगर निगम ने शहर की सड़कों की मैकेनिकल सफाई के लिए दिए गए करीब 11.76 करोड़ रुपये के तीन साल के ठेके को समाप्त कर दिया है। नगर निगम ने ठेका लेने वाली करनाल स्थित निजी कंपनी अकांक्षा एंटरप्राइजेज पर निर्धारित कवरेज लक्ष्य पूरा नहीं करने, संचालन संबंधी नियमों का पालन नहीं करने और जरूरी मानकों के मुताबिक मशीनें उपलब्ध नहीं कराने समेत कई कमियां बताई हैं।
11.76 करोड़ रुपये का था ठेका
नगर निगम की ओर से मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए जारी किया गया यह ठेका तीन साल की अवधि के लिए था। पंजाब सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर भी इस काम की अनुमानित लागत करीब ₹11.76 करोड़ दर्ज है और काम की अवधि 1,095 दिन यानी तीन साल रखी गई थी।
नगर निगम आयुक्त पूजा स्याल ग्रेवाल के अनुसार, कंपनी निर्धारित शर्तों और काम के लक्ष्यों को पूरा करने में सफल नहीं रही। इसके बाद निगम ने अनुबंध समाप्त करने का फैसला लिया।
910 किलोमीटर सड़क की सफाई का था लक्ष्य
नगर निगम की आंतरिक समीक्षा में GPS ट्रैकिंग के जरिए मशीनों की गतिविधियों की जांच की गई। समीक्षा के मुताबिक, कंपनी लक्षित 910 किलोमीटर सड़क की लंबाई के 20 प्रतिशत से भी कम हिस्से को कवर कर रही थी।
निगम के अनुसार, मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से निर्धारित क्षेत्र में नियमित और प्रभावी तरीके से सफाई करना जरूरी था। लेकिन GPS रिकॉर्ड में अपेक्षित स्तर की कवरेज नहीं मिली।
मशीनों की रफ्तार पर भी सवाल
नगर निगम की समीक्षा में मशीनों के संचालन की गति को लेकर भी कमी सामने आई। प्रभावी धूल संग्रह के लिए मशीनों को कम से कम 8 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाना निर्धारित था, लेकिन GPS रिकॉर्ड में मशीनों की गति इससे कम पाई गई।
नगर निगम ने इसे निर्धारित संचालन मानकों से जुड़ी कमी माना।
एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर भी नहीं लगाए
नगर निगम आयुक्त के अनुसार, मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों पर एंटी-स्मॉग गन या वाटर स्प्रिंकलर लगाना भी अनुबंध की शर्तों का हिस्सा था। इसके लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का पालन किया जाना था।
नगर निगम का कहना है कि कंपनी ने इन आवश्यक व्यवस्थाओं को उपलब्ध नहीं कराया। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ। इसके बाद निगम ने ठेका समाप्त कर दिया।
अंदरूनी सड़कों की सफाई अब मैनुअल तरीके से
ठेका समाप्त होने के बाद नगर निगम ने कहा है कि उसके पास अंदरूनी सड़कों की सफाई के लिए पर्याप्त सफाई कर्मचारी हैं। आयुक्त के मुताबिक, इन सड़कों पर मैनुअल स्वीपिंग व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है और कर्मचारी पारंपरिक झाड़ू के जरिए सफाई कर रहे हैं।
इससे फिलहाल शहर की अंदरूनी सड़कों की सफाई व्यवस्था को जारी रखने की योजना है।
550 सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की तैयारी
मेयर कुंदन गोगिया ने कहा कि नगर निगम सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कम से कम 550 सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की दिशा में काम करेगा। इसके अलावा 92 और कर्मचारियों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की बात भी कही गई है।
मेयर ने कहा कि निगम मैनुअल स्वीपिंग को बढ़ावा देकर बड़ी राशि बचाने की दिशा में काम करेगा।
तीन मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें निगम के पास
सीनियर डिप्टी मेयर हरिंदर कोहली के अनुसार, नगर निगम के पास फिलहाल तीन मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें हैं, जिन्हें बाहरी सड़कों की सफाई में लगाया गया है। जरूरत पड़ने पर इन मशीनों का इस्तेमाल अंदरूनी सड़कों की सफाई के लिए भी किया जा सकता है।
पीक प्रदूषण वाले महीनों में मैकेनिकल स्वीपिंग के साथ एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल करने की भी बात कही गई है, ताकि स्वच्छ हवा से जुड़े NGT निर्देशों का पालन किया जा सके।
सफाई व्यवस्था में बदलाव की तैयारी
पटियाला नगर निगम के इस फैसले के बाद शहर में सड़क सफाई की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। निगम अब मैनुअल सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ अपनी उपलब्ध मैकेनिकल मशीनों का इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रहा है।
नगर निगम का कहना है कि सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
