3 अक्टूबर 2026 दिल्ली में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर शुक्रवार को हुए प्रदर्शन और जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही में बड़ा अंतर देखने को मिला। शुक्रवार को SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को कई स्थानों पर रोक दिया गया और वे निर्धारित प्रदर्शन स्थल Jantar Mantar तक भी नहीं पहुंच सके। वहीं, जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड पार कर संसद के आसपास के इलाके तक पहुंच गए थे।
SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन
SIR यानी मतदाता सूची के Special Intensive Revision को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मांगों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था।
प्रदर्शनकारियों का निर्धारित स्थान Jantar Mantar था, लेकिन शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें वहां तक पहुंचने की अनुमति नहीं मिली। अलग-अलग रास्तों से प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस और सुरक्षा बलों ने रास्ते में ही रोक दिया।
Jantar Mantar के आसपास कड़ी सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए थे। इसके साथ ही Jantar Mantar के आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन स्थल के आसपास करीब 4,000 पुलिसकर्मी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और Rapid Action Force के जवान तैनात किए गए थे। आसपास के कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी बंद किए गए तथा Jantar Mantar की ओर जाने वाली सड़कों पर यातायात को नियंत्रित किया गया।
अलग-अलग रास्तों से पहुंचने की कोशिश
सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने Jantar Mantar की ओर अलग-अलग दिशाओं से पहुंचने की कोशिश की। छात्र समूहों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को Ashoka Road और Tolstoy Marg समेत कई स्थानों पर रोका गया।
इस दौरान पुलिस बैरिकेड और सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंच पाए। इस वजह से प्रदर्शन Jantar Mantar से पहले ही सीमित हो गया।
जुलाई में संसद के करीब पहुंचा था मार्च
इससे पहले जुलाई में Cockroach Janta Party (CJP) की ओर से आयोजित प्रदर्शन का घटनाक्रम अलग रहा था। 20 जुलाई को Jantar Mantar से शुरू हुआ मार्च संसद की ओर बढ़ा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने Tolstoy Marg और Sansad Marg पर लगाए गए पुलिस बैरिकेड पार कर लिए थे और बाद में Ashoka Road के आसपास तक पहुंच गए थे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था।
दोनों प्रदर्शनों में सुरक्षा व्यवस्था का अंतर
जुलाई के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों का समूह Jantar Mantar से आगे बढ़कर संसद के नजदीक तक पहुंच गया था। इसके विपरीत, शुक्रवार के SIR प्रदर्शन में सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को Jantar Mantar तक पहुंचने से रोकना रहा।
पुलिस ने पहले से ही कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी और नई दिल्ली क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। इसके कारण प्रदर्शनकारियों की आवाजाही निर्धारित प्रदर्शन स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विरोध
SIR मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न समूहों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। 2 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग भी उठाई। Indian Express के अनुसार, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को Jantar Mantar की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान 550 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
वहीं, प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूहों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े अपने सवालों को लेकर विरोध जारी रखने की बात कही है। इन मांगों और आरोपों पर राजनीतिक दलों तथा संबंधित सरकारी संस्थाओं के अलग-अलग रुख हैं।
जुलाई और अक्टूबर के प्रदर्शन की तस्वीर
दोनों प्रदर्शनों की तुलना से यह स्पष्ट है कि पुलिस और प्रशासन ने अक्टूबर के SIR प्रदर्शन के दौरान पहले से अधिक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की। जुलाई में प्रदर्शनकारी Jantar Mantar से आगे बढ़कर संसद के आसपास तक पहुंच गए थे, जबकि अक्टूबर के प्रदर्शन में उन्हें निर्धारित स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
कुल मिलाकर, दिल्ली में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन में भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदर्शनकारी Jantar Mantar तक नहीं पहुंच सके। इसके विपरीत, जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड पार कर संसद के आसपास तक पहुंच गए थे। दोनों घटनाओं के बीच पुलिस तैनाती और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही में स्पष्ट अंतर देखने को मिला।
