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अमृतसर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर IMA की एडवाइजरी, बाहर निकलने से पहले AQI चेक करने और मास्क लगाने की सलाह

9 सितंबर 2026: शहर में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ने के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) अमृतसर और क्लीन एयर पंजाब ने लोगों के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों से बाहर निकलने से पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI की स्थिति जांचने, प्रदूषण ज्यादा होने पर बाहर कम समय बिताने और N95 मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

सालभर की स्वास्थ्य चुनौती बन रहा वायु प्रदूषण

IMA अमृतसर और Clean Air Punjab की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि वायु प्रदूषण को केवल सर्दियों की समस्या मानना सही नहीं है। अमृतसर में प्रदूषण सालभर लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन रहा है।

यह एडवाइजरी समुदाय और डॉक्टरों के साथ पिछले कई महीनों में किए गए संवाद और एक स्वास्थ्य आकलन पर आधारित है। इस आकलन में 300 से अधिक लोगों से जानकारी ली गई, जबकि IMA अमृतसर में 50 से ज्यादा डॉक्टरों के साथ जुलाई में चर्चा की गई। इन निष्कर्षों की तुलना केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के उपलब्ध वायु गुणवत्ता आंकड़ों से की गई।

44 फीसदी लोगों ने लक्षण बढ़ने की बात कही

रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल करीब 44 फीसदी लोगों ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने के दौरान उनके स्वास्थ्य संबंधी लक्षण खराब हो जाते हैं।

वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े 95 फीसदी पेशेवरों ने खराब वायु गुणवत्ता के दौरान मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी दी। 75 फीसदी से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों ने गंभीर प्रदूषण की स्थिति में इमरजेंसी एडमिशन बढ़ने की बात कही।

बाहर निकलने से पहले AQI जरूर देखें

IMA और Clean Air Punjab ने लोगों को सलाह दी है कि वे व्यायाम करने या लंबे समय तक बाहर रहने से पहले AQI की स्थिति जरूर जांचें।

अगर हवा की गुणवत्ता खराब हो तो बाहर रहने का समय कम किया जाना चाहिए। खासकर ऐसे समय में जब प्रदूषण का स्तर ज्यादा हो, लोगों को बाहर की जगह घर के अंदर शारीरिक गतिविधियां करने की सलाह दी गई है।

एडवाइजरी में N95 मास्क पहनने की भी सलाह दी गई है, ताकि प्रदूषित हवा के संपर्क को कम किया जा सके।

बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

प्रदूषण के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

खास तौर पर सांस और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं और अन्य संवेदनशील समूहों को खराब AQI वाले दिनों में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।

आउटडोर काम करने वालों के लिए भी सलाह

IMA और Clean Air Punjab ने बाहर काम करने वाले कर्मचारियों को लेकर भी सुझाव दिए हैं। एडवाइजरी के मुताबिक, नियोक्ताओं और संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों को समय पर AQI की जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।

प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा होने पर कर्मचारियों के लिए उचित ब्रेक, अपेक्षाकृत साफ हवा वाले स्थान और जरूरत के अनुसार भारी शारीरिक काम को दूसरी तारीख या समय पर करने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।

डॉक्टरों ने मरीजों में बढ़ोतरी की बात कही

IMA अमृतसर की अध्यक्ष डॉ. अमृता राणा ने बताया कि स्वास्थ्य पेशेवरों ने प्रदूषण से जुड़े मामलों में सामान्य तौर पर 10 से 25 फीसदी तक वृद्धि की जानकारी दी है।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण के दौरान नेबुलाइजेशन, इनहेलर और ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत भी बढ़ती है। उनके अनुसार, व्यक्तिगत स्तर पर सावधानी जरूरी है, लेकिन लंबे समय में प्रदूषण के स्रोतों को कम करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

AQI की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर

Clean Air Punjab की राज्य प्रमुख गुरप्रीत कौर ने कहा कि एडवाइजरी का उद्देश्य लोगों को प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में स्पष्ट और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है।

उन्होंने AQI से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने और स्कूलों, अस्पतालों तथा कार्यस्थलों के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया।

प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक रणनीति की जरूरत

रिपोर्ट में अमृतसर के लिए शहर स्तर की क्लीन-एयर रणनीति बनाने की सिफारिश की गई है। इसमें सरकारी विभागों, स्वास्थ्य संस्थानों, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वय की जरूरत बताई गई है।

इसके अलावा रियल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बढ़ाने, स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रदूषण के प्रभावों के लिए तैयार रखने, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने और सड़क व निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल पर नियंत्रण जैसे कदम सुझाए गए हैं।

खुले में कचरा और पराली जलाने पर नियंत्रण जरूरी

एडवाइजरी में खुले में कचरा और बायोमास जलाने से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया गया है। गंभीर प्रदूषण की स्थिति में अलग-अलग स्तरों पर कार्रवाई के लिए चरणबद्ध व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश की गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लोगों को केवल व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रदूषण के मूल स्रोतों को कम करने के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

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