9 सितंबर 2026: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को केवल कमाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए महिलाओं के पास अपने पैसे को समझने, उसका प्रबंधन करने और उससे जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने का आत्मविश्वास भी होना चाहिए। इसी विचार को लेकर उद्यमी, investment strategist और लेखिका डॉ. आरती गुप्ता महिलाओं के बीच financial literacy को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं।
डॉ. आरती गुप्ता की हाल ही में प्रकाशित किताब ‘I Am My Own Laxmi’ महिलाओं को आर्थिक मामलों की जानकारी हासिल करने और वित्तीय फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है। उनके अनुसार, महिलाओं को अपने पैसे और वित्तीय भविष्य के बारे में किसी दूसरे व्यक्ति पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय खुद जानकारी हासिल करनी चाहिए।
अमृतसर में financial literacy पर चर्चा
अमृतसर में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान डॉ. आरती गुप्ता ने महिलाओं के आर्थिक फैसलों और financial literacy से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में FICCI FLO Amritsar की सदस्याओं के साथ कई प्रतिष्ठित अतिथि, शिक्षक और युवा उद्यमी शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए आर्थिक ज्ञान को एक जरूरी life skill बताया। उनका कहना है कि महिलाओं को केवल पैसा कमाना ही नहीं, बल्कि यह भी सीखना चाहिए कि पैसे को कैसे बढ़ाया जाए और उसे सही तरीके से अपने भविष्य के लिए इस्तेमाल किया जाए।
‘I Am My Own Laxmi’ से जुड़ा अभियान
डॉ. आरती गुप्ता का ‘I am my own Laxmi’ अभियान महिलाओं के बीच financial literacy को बढ़ावा देने की उनकी लंबे समय से चली आ रही कोशिश का हिस्सा है। इस पहल के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को निवेश, बचत और financial planning जैसे विषयों को सरल तरीके से समझाने और उनमें आत्मविश्वास पैदा करने पर जोर दिया है।
अब इसी विचार को उन्होंने अपनी किताब के जरिए व्यापक स्तर पर सामने रखा है। किताब का उद्देश्य महिलाओं के लिए पैसों से जुड़ी बातचीत को कम जटिल और अधिक व्यावहारिक बनाना है।
महिलाओं को पैसे की भाषा समझने की जरूरत
डॉ. गुप्ता के मुताबिक महिलाओं के लिए financial literacy का मतलब केवल बैंक अकाउंट या निवेश की जानकारी होना नहीं है। इसका मतलब यह भी है कि महिलाएं अपने आर्थिक अधिकारों और विकल्पों को समझें और भविष्य से जुड़े फैसलों में आत्मविश्वास के साथ अपनी राय रखें।
उनका मानना है कि जब महिलाएं अपने पैसों को समझती हैं तो वे saving, investment और financial planning जैसे विषयों पर अधिक आत्मविश्वास के साथ निर्णय ले सकती हैं। इससे उन्हें अपने भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।
कमाई के साथ निवेश और बचत की समझ भी जरूरी
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कमाई एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके बाद पैसे का सही प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है। डॉ. गुप्ता महिलाओं को यह समझने के लिए प्रेरित करती हैं कि उनकी आय का इस्तेमाल किस तरह किया जाए, कितना बचाया जाए और भविष्य की जरूरतों के लिए वित्तीय योजना कैसे बनाई जाए।
उनके अनुसार, आर्थिक फैसलों की जानकारी महिलाओं को अपने हितों की रक्षा करने और अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने में मदद कर सकती है।
परिवार में महिलाओं की राय भी महत्वपूर्ण
डॉ. गुप्ता की पहल का एक अहम संदेश यह है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी केवल उनकी व्यक्तिगत जरूरतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। परिवार में पैसे से जुड़े फैसलों में भी महिलाओं की राय और भागीदारी होनी चाहिए।
घर, बच्चों की शिक्षा, बचत, निवेश या भविष्य की आर्थिक योजनाओं जैसे मामलों में महिलाओं की समझ और राय परिवार की financial planning को बेहतर बनाने में योगदान दे सकती है।
पुरुषों के लिए भी दिया खास संदेश
डॉ. आरती गुप्ता ने पुरुषों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अपनी बेटी, पत्नी, मां या बहन को आर्थिक रूप से स्वतंत्र जीवन के लिए तैयार करना प्यार का एक सच्चा रूप हो सकता है।
उनके अनुसार, महिलाओं को financial independence के लिए तैयार करना उन्हें केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें अपने भविष्य से जुड़े फैसले आत्मविश्वास के साथ लेने की क्षमता देना भी है।
महिलाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा
आज के समय में financial literacy महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बनता जा रहा है। बचत, निवेश, बीमा, retirement planning और अन्य वित्तीय फैसलों को समझना उन्हें लंबे समय में अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना सकता है।
डॉ. गुप्ता की किताब और उनका अभियान इसी दिशा में महिलाओं को आर्थिक मामलों को समझने और उनमें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है। उनका संदेश है कि महिलाओं को अपने पैसे के बारे में जानकारी होनी चाहिए ताकि वे अपने हितों और भविष्य से जुड़े फैसले खुद ले सकें।
