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राजस्थान में सरपंच चुनाव के लिए ले जाई जा रही थी 30 लाख की शराब, आगरा पुलिस ने बाजरे की पुलियों के नीचे छिपी 201 पेटियां पकड़ीं; एक आरोपी गिरफ्तार

5 नवंबर 2026 :   उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 30 लाख रुपये कीमत की अंग्रेजी शराब बरामद की है। शराब को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बाजरे की पुलियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तलाशी के दौरान शराब की 201 पेटियां बरामद कीं और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि शराब की यह खेप राजस्थान में होने वाले सरपंच पद के चुनाव के दौरान खपाने के लिए ले जाई जा रही थी।

यह कार्रवाई आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र में की गई। पुलिस के मुताबिक, बुधवार को गांव बरारा में चेकिंग के दौरान एक नीले रंग के सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया। पहली नजर में ट्रॉली में बाजरे की पुलियां लदी हुई दिखाई दे रही थीं। हालांकि, पुलिस को संदेह होने पर वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बाजरे की पुलियों के नीचे छिपाकर रखी गई अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप सामने आई।

बाजरे की पुलियों के नीचे छिपाई गई थीं शराब की पेटियां

पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से अंग्रेजी शराब की कुल 201 पेटियां बरामद कीं। इनमें 9,648 पव्वे बताए गए हैं। शराब की पेटियों पर ‘फॉर सेल यूटी चंडीगढ़’ लिखा हुआ था। इससे शुरुआती जांच में पता चला कि शराब चंडीगढ़ में बिक्री के लिए निर्धारित थी, लेकिन इसे दूसरे राज्य में ले जाने की तैयारी की जा रही थी।

बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने शराब के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर लिया। इस मामले में मौके से प्रेम सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वह आगरा के गांव बरारा का रहने वाला बताया गया है।

राजस्थान के सरपंच चुनाव में खपाने की थी तैयारी

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि राजस्थान में सरपंच पद के चुनाव के मद्देनजर शराब की मांग बढ़ने की संभावना थी। इसी को देखते हुए शराब इकट्ठा की जा रही थी, ताकि उसे राजस्थान में अधिक कीमत पर बेचा जा सके। पुलिस के अनुसार, शराब की खेप को चुनाव के दौरान खपाने की योजना थी।

हालांकि, इस मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे राजस्थान में किस व्यक्ति या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी में गिरफ्तार आरोपी के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

डीसीपी पश्चिम ने दी कार्रवाई की जानकारी

डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने चेकिंग के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर तलाशी ली थी। इस दौरान बाजरे की पुलियों के नीचे छिपाकर रखी गई शराब की 201 पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच की जा रही है।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर शराब की खरीद, परिवहन और सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस खेप के पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले भी इसी तरीके से शराब की खेप दूसरे राज्यों में भेजी गई थी या नहीं।

दूसरे राज्यों में शराब पहुंचाने के लिए अपनाते हैं नए तरीके

अवैध शराब की तस्करी करने वाले लोग अक्सर पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कई मामलों में शराब को ट्रकों, कारों और अन्य मालवाहक वाहनों में छिपाकर ले जाया जाता है। इस मामले में तस्करी के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल किया गया और शराब की पेटियों को बाजरे की पुलियों के नीचे छिपाया गया था।

ऊपर से देखने पर ट्रॉली सामान्य कृषि सामग्री से भरी हुई दिखाई देती थी। इसी वजह से पुलिस की नजरों से बचकर निकलने की कोशिश की गई। लेकिन मलपुरा पुलिस की चेकिंग के दौरान वाहन की तलाशी लेने पर पूरी खेप बरामद हो गई।

पुलिस खंगाल रही है तस्करी का पूरा नेटवर्क

इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब केवल गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि शराब की सप्लाई किस स्रोत से हुई, इसे राजस्थान में कौन खरीदने वाला था और इसके परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस ने करीब 30 लाख रुपये की शराब और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। राजस्थान के सरपंच चुनाव में शराब खपाने की कथित योजना को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय शराब तस्करी के संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।

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